कान्हा टाइगर रिजर्व में महिलाएं निभा रहीं सुरक्षा की जिम्मेदारी: 13 महिला टीम पर्यटन गाइड के रूप में दे रहीं सशक्त योगदान – Balaghat (Madhya Pradesh) News

कान्हा टाइगर रिजर्व में महिलाएं निभा रहीं सुरक्षा की जिम्मेदारी:  13 महिला टीम पर्यटन गाइड के रूप में दे रहीं सशक्त योगदान – Balaghat (Madhya Pradesh) News




बालाघाट जिले में महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। मध्यप्रदेश के इस जिले में स्त्री-पुरुष लिंगानुपात सर्वाधिक है, जहां प्रति 1000 पुरुषों पर 1022 महिलाएं हैं। यह सकारात्मक सामाजिक वातावरण कान्हा टाइगर रिजर्व में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी में भी परिलक्षित होता है। कान्हा टाइगर रिजर्व में महिलाएं जोखिम भरे वन कार्यों के साथ-साथ पर्यटन गाइड के रूप में भी नई पहचान बना रही हैं। मुक्की ग्राम की महिलाएं गाइड के तौर पर पर्यटकों को जंगल और वन्यजीवों की जानकारी देती हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। यह पहल पारंपरिक रूप से पुरुष-प्रधान रहे इस क्षेत्र में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को दर्शाती है। कान्हा में महिला टीम संभाल रही जंगल सुरक्षा कान्हा में महिला कर्मचारियों की एक टीम जंगल की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस टीम में खापा रेंजर संध्या देशकर, माना बीट की बीट गार्ड वनरक्षक विनीता मरावी, भैसानघाट बैरियर की वनरक्षक सोनम झारिया, और सुरक्षा श्रमिक प्रेमा यादव और विमला कुशरे शामिल हैं। ये महिलाएं टाइगर रिजर्व में अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण, वन क्षेत्र की निगरानी और वन्य प्राणियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का दायित्व निभाती हैं। देखिए तस्वीरें… महिलाएं निभा रहीं सुरक्षा की जिम्मेदारी उनके दैनिक कार्यों में जंगलों में गश्त करना, बैरियर पर निगरानी रखना और संदिग्ध गतिविधियों पर नज़र रखना शामिल है। कठिन परिस्थितियों और चुनौतियों के बावजूद, वे पूरी लगन और साहस के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। खापा रेंजर संध्या देशकर के अनुसार, जंगल की सुरक्षा में महिलाओं का आगे आना आवश्यक है। ये महिलाएं वास्तव में महिला सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं। कान्हा में 13 महिला गाइड, पर्यटकों को दे रहीं जानकारी इसके अतिरिक्त, कान्हा टाइगर रिजर्व में 13 महिला गाइड मुक्की, खटिया और सरही प्रवेश द्वारों पर अपनी सेवाएं दे रही हैं। ये महिलाएं पर्यटकों को जानकारी प्रदान कर अपने परिवारों की आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद कर रही हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं।



Source link