इंदौर में RRR कलेक्शन ड्राइव की शुरुआत: अनुपयोगी सामान से बनेगा ‘वेस्ट से बेस्ट’, री-यूज की परंपरा को आधुनिक रूप मिलेगा – Indore News

इंदौर में RRR कलेक्शन ड्राइव की शुरुआत:  अनुपयोगी सामान से बनेगा ‘वेस्ट से बेस्ट’, री-यूज की परंपरा को आधुनिक रूप मिलेगा – Indore News


इंदौर7 मिनट पहले

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स्वच्छता में देशभर में आठ बार परचम लहराने वाले इंदौर में नगर निगम ने एक और अभिनव पहल करते हुए शहर की सबसे बड़ी “RRR (Reduce, Reuse, Recycle) कलेक्शन ड्राइव “घर की सफाई अभियान” की शुरुआत की।

मंगलवार सुबह जोन 8 की क्लासिक पूर्णिमा कॉलोनी से अभियान का शुभारंभ मेयर पुष्यमित्र भार्गव और निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने पांच विशेष वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य प्रभारी अश्विनी शुक्ला, क्षेत्रीय पार्षद और बड़ी संख्या में कॉलोनी के रहवासी मौजूद रहे। मेयर ने कहा कि री-यूज का विचार भारतीय परंपरा में रचा-बसा है। पहले बड़े भाई की किताबें, कपड़े और अन्य वस्तुएं छोटे भाई को देने की परंपरा इसी सोच का उदाहरण है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए “घर की सफाई अभियान” प्रारंभ किया गया है।

उन्होंने बताया कि घरों से निकलने वाली अनुपयोगी वस्तुएं जैसे पुराने कपड़े, किताबें, इलेक्ट्रॉनिक सामान, खिलौने आदि की विशेष वाहनों के माध्यम से एकत्र की जाएंगी। संग्रहित सामग्री को केसरबाग ब्रिज के नीचे स्थित 3R सेंटर में ले जाकर छंटाई की जाएगी और “वेस्ट से बेस्ट” अवधारणा के तहत जरूरतमंदों के लिए उपयोगी वस्तुएं तैयार की जाएंगी।

लोगों ने अभियान के तहत अपने घर के अनुपयोगी सामान को वाहन में भरवाया।

लोगों ने अभियान के तहत अपने घर के अनुपयोगी सामान को वाहन में भरवाया।

मेयर ने नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपने घरों की अनुपयोगी लेकिन उपयोगी सामग्री दान करें। उन्होंने घोषणा की कि आगामी नगर निगम बजट सत्र में पार्षद और मेयर परिषद के सदस्य लेदर बैग के स्थान पर री-यूज मटेरियल से बने कपड़े के झोले का उपयोग करेंगे।

निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने कहा कि इंदौर ने स्वच्छता में नए आयाम स्थापित किए हैं और यह अभियान उसी दिशा में एक और कदम है। उन्होंने बताया कि 31 मार्च तक विशेष वाहन शहर के विभिन्न क्षेत्रों में घर-घर जाकर सामग्री एकत्र करेंगे।

स्वास्थ्य प्रभारी अश्विनी शुक्ला ने मुताबिक कि यह पहल न केवल स्वच्छता को बढ़ावा देगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के पुनः उपयोग और जरूरतमंद वर्गों की सहायता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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