उज्जैन. धार्मिक नगरी उज्जैन में आने वाले 2028 में सिंहस्थ का आयोजन होने वाला है. जिसके लिए उज्जैन में लगातार विकास के कार्य चल रहे हैं. आगामी सिंहस्थ मेले को लेकर शहर में सड़क चौड़ीकरण का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है, लेकिन इस कार्रवाई से प्रभावित व्यापारियों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है. इसी विरोध के चलते मुख्य बाजार के करीब 200 व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया.
व्यापारियों ने एकजुट होकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और अपनी समस्याओं से अवगत कराया. उनका कहना है कि बिना उचित व्यवस्था के की जा रही कार्रवाई से उनके व्यवसाय पर गंभीर असर पड़ रहा है. बाजार एक दिन बंद रहने से लगभग पांच करोड़ रुपये के कारोबार पर असर पड़ा है, जिससे व्यापारियों में आक्रोश और चिंता दोनों बढ़ गई हैं.
कलेक्टर के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा
शहर के पुराने व्यवसायिक क्षेत्र गोपाल मंदिर से गुदरी तक बर्तन ओर सोने चांदी की करीब 200 दुकाने हैं. वर्तमान में यहां 40 फीट का रोड है. प्रशासन ने हाल ही मार्ग को चौड़ा करने का टेंडर जारी कर दिया. नतीजतन व्यापारियों ने विरोध शूरू कर दिया. निर्णय वापस नहीं लेने पर सोना, चांदी ओर बर्तन व्यापारी संघ ने दुकानों और सड़क पर चौड़ीकरण के विरोध के बैनर लगाकर सोमवार को बाजार बंद कर दिया. साथ ही व्यापारियों ने प्रशासनिक भवन संकुल पहुंचकर कलेक्टर के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंप अपनी मांग दोहराई. व्यापारियों ने जनप्रतिनिधियों को भी इसकी प्रति दी.
उग्र आंदोलन की चेतावनी
पटनी बाजार के बर्तन व्यापारी सड़क चौड़ीकरण के विरोध में उतर आए हैं. बर्तन व्यापारी संघ के प्रकाश आचार्य ने बताया कि यह करीब 150 साल पुराना ऐतिहासिक बाजार है, जहां पहले से ही 40 फीट चौड़ा रास्ता मौजूद है, इसलिए चौड़ीकरण की जरूरत नहीं है. उनका कहना है कि यदि सड़क 12 फीट और बढ़ाई गई तो कई दुकानों की चौड़ाई महज 5 फीट रह जाएंगी. व्यापारी नितिन मूंदड़ा के अनुसार विरोध में बाजार बंद रखा गया, जिससे लगभग एक करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ. व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा.
पांच करोड़ का धंधा ठप
उज्जैन के सराफा बाजार में प्रस्तावित चौड़ीकरण को लेकर व्यापारियों में नाराजगी देखने को मिल रही है. व्यापारी निर्मल सोनी का कहना है कि महाकाल मंदिर के आसपास कई रास्ते सिर्फ 20 फीट चौड़े हैं, जिन्हें पहले चौड़ा किया जाना चाहिए. वहीं प्रशांत सोनी के अनुसार यहां करीब 200 दुकाने और सैकड़ों कर्मचारी जुड़े हैं, जहां रोज लगभग पांच करोड़ का कारोबार होता है, ऐसे में बाजार बंद होने से व्यापार प्रभावित हुआ है.
अब तक इन मार्गों का विरोध
सिंहस्थ की तैयारियों के चलते शहर में कई प्रमुख मार्गों का चौड़ीकरण किया जा रहा है. ढाबा रोड, केडी गेट, कमरी मार्ग, तेलीवाड़ा चौराहा और कंठाल मार्ग पर खुदाई के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. काम की रफ्तार धीमी होने से रहवासी नाराज हैं. वहीं पीपलीनाका, गढ़कालिका रोड, भैरवगढ़ और दारू गोदाम क्षेत्र में नोटिस और तोड़फोड़ की कार्रवाई भी शुरू हो गई.
उज्जैन के गोपाल मंदिर मार्ग की दुकानें करीब 100 से 150 साल पुरानी हैं और शहर की ऐतिहासिक पहचान का अहम हिस्सा मानी जाती हैं. मई 1960 में तत्कालीन जिला प्रशासन ने व्यापारी संघ को आश्वासन दिया था कि 40 फीट चौड़ी यह सड़क अगले 100 वर्षों तक पर्याप्त रहेगी. यहां की अधिकतर दुकानें 5 से 15 फीट चौड़ी प्राचीन संरचनाएं हैं, ऐसे में सड़क का 20 मीटर तक चौड़ीकरण पूरे बाजार के अस्तित्व को खत्म कर सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि मास्टर प्लान केवल मार्गदर्शक दस्तावेज होता है और आवश्यकता पड़ने पर इसमें संशोधन संभव है. वहीं ट्रैफिक जाम का बड़ा कारण अवैध ठेले, दुकानों के बाहर रखा सामान और अनियंत्रित ई-रिक्शा बताए जा रहे हैं.