दिन में कितनी पढ़ाई और कितना ब्रेक? UPSC में सफल भूमिका ने बताए स्मार्ट तरीके

दिन में कितनी पढ़ाई और कितना ब्रेक? UPSC में सफल भूमिका ने बताए स्मार्ट तरीके


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UPSC Preparation Tips: भूमिका जैन ने लोकल 18 से कहा कि जो छात्र यूपीएससी की तैयारी करने की सोच रहे हैं, उन्हें शुरुआत से ही एक मजबूत मानसिकता के साथ इस क्षेत्र में आना चाहिए. इस परीक्षा में सफलता पाने में कई बार दो से तीन साल या उससे ज्यादा समय भी लग सकता है. ऐसे में धैर्य बनाए रखना बहुत जरूरी है.

सतना. यूपीएससी की परीक्षा को देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षाओं में गिना जाता है. हर साल लाखों युवा इस परीक्षा में अपनी किस्मत आजमाते हैं लेकिन कुछ ही अभ्यर्थी अपनी मेहनत और सही रणनीति के दम पर सफलता हासिल कर पाते हैं. सतना की बेटी भूमिका जैन ने भी इसी कठिन राह को पार करते हुए यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 331 हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है. सफलता के बाद उन्होंने लोकल 18 से खास बातचीत में अपनी तैयारी के अनुभव साझा किए और यूपीएससी अभ्यर्थियों के लिए कई अहम गुरु मंत्र बताए.

भूमिका जैन ने लोकल 18 को बताया कि यूपीएससी की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए सबसे जरूरी है कि वे अपने बेसिक कॉन्सेप्ट्स को मजबूत करें. भूमिका ने खुद सिर्फ एक साल कोचिंग में दिया और बाकी सेल्फ स्टडी ही की. उन्होंने कहा कि जो अभ्यर्थी पहले से तैयारी कर रहे हैं या एक-दो अटेम्प्ट दे चुके हैं, उन्हें अपने बनाए हुए नोट्स पर खास ध्यान देना चाहिए. समय-समय पर नोट्स को रिवाइज करते रहना बेहद जरूरी है क्योंकि यही तैयारी का आधार बनते हैं. उनका कहना है कि एक बार मजबूत फाउंडेशन बन जाने के बाद मेंस की तैयारी भी बेहतर तरीके से की जा सकती है.

प्रैक्टिस और मॉक टेस्ट से मिलती है सफलता
भूमिका ने बताया कि यूपीएससी की परीक्षा पूरी तरह अभ्यास पर आधारित होती है, इसलिए प्रीलिम्स के पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करना, मॉक टेस्ट देना और मेंस के लिए नियमित रूप से आंसर राइटिंग की प्रैक्टिस करना बेहद जरूरी है. इससे न सिर्फ टॉपिक की समझ बेहतर होती है बल्कि परीक्षा के पैटर्न को समझने में भी मदद मिलती है. उनके मुताबिक, जितनी ज्यादा प्रैक्टिस होगी, उतना ही आत्मविश्वास बढ़ेगा और परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन किया जा सकेगा.

मजबूत माइंडसेट और धैर्य सफलता की कुंजी
भूमिका ने कहा कि जो छात्र यूपीएससी की तैयारी करने की सोच रहे हैं, उन्हें शुरुआत से ही एक मजबूत मानसिकता के साथ इस क्षेत्र में आना चाहिए. इस परीक्षा में सफलता पाने में कई बार दो से तीन साल या उससे अधिक समय भी लग सकता है. ऐसे में धैर्य बनाए रखना और लगातार मेहनत करते रहना बहुत जरूरी है. उन्होंने यह भी कहा कि पढ़ाई को केवल घंटों के आधार पर नहीं बल्कि उसकी गुणवत्ता के आधार पर देखना चाहिए. अगर कोई छात्र कम समय में भी किसी विषय को अच्छे से समझ लेता है, तो वह पर्याप्त है.

पढ़ाई के साथ जरूरी है मनोरंजन और संतुलन
भूमिका के अनुसार, यूपीएससी की तैयारी के दौरान पूरी तरह आइसोलेशन में रहना जरूरी नहीं है. उन्होंने कहा कि परिवार और दोस्तों से जुड़े रहना मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करता है. सोशल मीडिया का उपयोग भी सीमित और पढ़ाई से जुड़े कंटेंट के लिए ही करना चाहिए और पढ़ाई के बीच-बीच में अपने शौक को समय देना भी जरूरी है ताकि दिमाग तरोताजा बना रहे. खुद भूमिका भी जब पढ़ाई से बोर हो जाती थीं, तो एक-दो हफ्ते में एक फिल्म देखकर खुद को रिलैक्स कर लेती थीं. यूपीएससी की तैयारी में अनुशासन सबसे अहम भूमिका निभाता है. अगर अभ्यर्थी निरंतर अभ्यास, धैर्य और सही रणनीति के साथ तैयारी करते हैं, तो सफलता जरूर मिल सकती है.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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