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पूर्व भारतीय स्पिनर अमित मिश्रा पर मॉडल गरिमा तिवारी की तरफ से कई संगीन आरोप पहले भी लगाए गए हैं. क्रिकेटर ने इस मामले में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है. अप्रैल 2025 में, इस दिग्गज स्पिनर ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया था कि वह अविवाहित हैं और इस कानूनी विवाद से जुड़ी खबरों में उनकी छवि का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है.
पूर्व स्पिनर अमित मिश्रा पर मॉडल गरिमा तिवारी ने लगाए गंभीर आरोप
नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व स्पिनर अमित मिश्रा के खिलाफ 35 साल की मॉडल गरिमा तिवारी ने कानूनी लड़ाई तेज कर दी है. सोमवार (9 मार्च) को कानपुर के अतिरिक्त सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के सामने शिकायत दर्ज कराई. इसमें तिवारी ने मिश्रा और उनके पांच परिवार के सदस्यों पर दहेज प्रताड़ना, शारीरिक हिंसा और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं.
अमित मिश्रा पर यह आरोप पहले भी लगाए जा चुके हैं और उन्होंने इस मामले में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है. अप्रैल 2025 में, इस दिग्गज स्पिनर ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया था कि वह अविवाहित हैं और इस कानूनी विवाद से जुड़ी खबरों में उनकी छवि का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है.
दहेज और लगातार प्रताड़ना के आरोप
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, गरिमा तिवारी और आरोपी की मुलाकात 2019 में इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी. तीन साल के रिश्ते के बाद दोनों ने 26 अप्रैल 2021 को कानपुर क्लब में शादी की थी. तिवारी का आरोप है कि “हनीमून पीरियड” बहुत कम समय का रहा. शादी के तुरंत बाद ससुरालवालों ने होंडा सिटी कार और 10 लाख रुपये नकद की मांग शुरू कर दी थी.
मॉडल ने आगे आरोप लगाया कि उनके साथ लगातार गंभीर अत्याचार किए गए. उन्होंने कहा कि मिश्रा अक्सर नशे की हालत में उनके साथ मारपीट करते थे. कई बार उन्हें कई दिनों तक खाना भी नहीं दिया जाता था. तिवारी ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पेशेवर जीवन में भी आर्थिक शोषण हुआ. मिश्रा उनके मॉडलिंग असाइनमेंट्स की कमाई भी छीन लेते थे.
मेंटल हेल्थ पर असर पड़ा
गरिमा का कहना है कि इस प्रताड़ना का उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ा. वह क्लिनिकल डिप्रेशन का शिकार हो गईं और उनका मॉडलिंग करियर भी खत्म हो गया. शिकायत में एक दर्दनाक घटना का जिक्र है, जिसमें तिवारी ने कथित तौर पर फिनाइल पीकर आत्महत्या की कोशिश की थी. इसके बाद उन्हें इमरजेंसी में भर्ती कराना पड़ा. तिवारी के वकील करीम अहमद सिद्दीकी ने बताया कि उन्हें कोर्ट का रुख इसलिए करना पड़ा क्योंकि स्थानीय पुलिस, यहां तक कि पुलिस कमिश्नर के दफ्तर ने भी एफआईआर दर्ज नहीं की. तिवारी ने आरोप लगाया कि यह निष्क्रियता मिश्रा के प्रभाव के कारण हुई, जैसा कि पीटीआई ने रिपोर्ट किया है.
कानूनी लड़ाई का बढ़ता दायरा
यह ताजा शिकायत मिश्रा के खिलाफ तिवारी द्वारा एक साल के भीतर दायर तीसरा मामला है. इससे पहले उन्होंने 21 अप्रैल 2025 को कानपुर में घरेलू हिंसा का मामला दर्ज कराया था. उनसे 50,000 रुपये मासिक भत्ते और एक करोड़ रुपये एकमुश्त मुआवजे की मांग करते हुए एक याचिका भी दायर की थी. कोर्ट आने वाले दिनों में आत्महत्या के लिए उकसाने और मारपीट के नए आरोपों पर प्रारंभिक सुनवाई कर सकता है.
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15 साल से ज्यादा वक्त से खेल पत्रकारिता से सक्रिय. Etv भारत, ZEE न्यूज की क्रिकेट वेबसाइट में काम किया. दैनिक जागरण वेबसाइट में स्पोर्ट्स हेड रहा. ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, क्रिकेट और फुटबॉल वर्ल्ड कप कवर किया. अक्टूब…और पढ़ें