हम दोनों शादी करने वाले हैं। तू उसका पीछा छोड़ दे। नहीं माना तो अंजाम अच्छा नहीं होगा। तुझसे जो बन पड़े कर ले, वो मेरी है और मेरी ही रहेगी। मैं उससे शादी करूंगा। ये शब्द उस वारदात से पहले के हैं, जिसमें एक लड़की को पाने के लिए दो प्रेमी आपस में भिड़ गए। गुस्से में एक ने दूसरे की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। दोस्त के साथ मिलकर पहले पीटा, फिर खींचकर रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के जंगल ले गए और करीब 15 बार चाकू से गोदा। वारदात 4 मार्च को सागर के रहली थाना क्षेत्र की थी। पुलिस मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालते हुए लड़की तक पहुंची, जहां लव ट्राएंगल का मामला सामने आया। पहला प्रेमी समझाने के बाद भी पीछा नहीं छोड़ रहा था। उसे रास्ते से हटाने के लिए पोस्ट ऑफिस में काम करने वाली प्रेमिका ने पुलिस की तैयारी कर रहे नए प्रेमी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। तीनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दैनिक भास्कर ने इस लव ट्राएंगल को लेकर पुलिस से बात की तो चौंकाने वाली कहानी सामने आई। पढ़िए रिपोर्ट…. भाई पुलिस के पास पहुंचा, फिर मिली खून सनी लाश 4 मार्च को भगत सिंह वार्ड में रहने वाला अविनाश उर्फ आकाश ठाकुर (33) रहली थाने पहुंचा। उसने पुलिस को बताया कि उसका छोटा भाई विकास ठाकुर (30) घर से होली खेलने का कहकर निकला था, लेकिन रात होने को आई, अब तक वापस नहीं लौटा। पुलिस ने तलाश शुरू की तो कुछ घंटों बाद उसकी लाश रहली-जबलपुर रोड स्थित मुहली के जंगल में मिली। लाश खून से सनी थी। शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। कुछ दूर पर ही उसकी बाइक खड़ी थी। शुरुआती पड़ताल में धारदार हथियार से हत्या करने की आशंका जताई गई। पुलिस ने पंचनामा बनाकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई, जिस पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर लिया। भाई बोला- न नशा करता था, न किसी से विवाद था पुलिस ने परिवार से पूछताछ की। भाई अविनाश ने बताया कि वह वारदात के दिन दोपहर करीब 1.30 बजे घर से निकला था, लेकिन घर नहीं लौटा। इस बीच रात में ही उसकी लाश जंगल में मिली। पुलिस ने मृतक के भाई से पुराने विवाद और अन्य कोई कारण के संबंध में जानकारी मांगी, लेकिन भाई अविनाश ने कहा- विकास का किसी से कोई विवाद नहीं था। वह नशा भी नहीं करता है। अपने काम से मतलब रखता था। उसकी हत्या कोई क्यों करेगा, यह सवाल तो हमारा पूरा परिवार खुद से कर रहा है। पुलिस ने परिवार के हर सदस्य से बात की, लेकिन ऐसा कोई पॉइंट नहीं पकड़ में आया कि हत्या की कड़ी जुड़ सके। आखिरी कॉल से प्रेमिका तक पहुंची पुलिस पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए दूसरे पॉइंट पर काम शुरू किया। मृतक 30 साल का था, इसलिए लड़की वाले एंगल पर ज्यादा फोकस किया। पुलिस ने विकास के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली, इसमें आखिरी कॉल मेघा नाम की एक लड़की को किया गया था। पुलिस ने लड़की का पता खोजा। पूछताछ के लिए थाने बुलाया। शुरुआत में तो वह विकास को दोस्त बताकर पुलिस को गुमराह करती रही, लेकिन जब सख्ती हुई तो टूट गई। नया आशिक मिला, पुराना पीछा नहीं छोड़ रहा था मेघा ने पुलिस को बताया कि वह विकास को करीब 5 साल से जानती है। दोनों की मुलाकात अगरबत्ती बनाने के काम करने के दौरान हुई। दोनों के बीच दोस्ती हुई। फिर प्यार हो गया। अगरबत्ती बनाने का काम करने के साथ ही उसने कॉलेज की पढ़ाई भी जारी रखी। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान जैसीनगर निवासी अजय यादव से दोस्ती हुई। मेघा का झुकाव अजय की ओर हो गया। मेघा और अजय का मिलना-जुलना शुरू हो गया। पढ़ाई के दौरान ही पोस्ट ऑफिस में नौकरी लग गई। पहली पोस्टिंग दमोह जिले के रामगढ़ पोस्ट ऑफिस में मिली, जिसके बाद वह दमोह में रहने लगी। नए आशिक के मिलने के बाद मेघा पुराने प्रेमी विकास से पीछा छुड़ाना चाहती थी। मेघा ने विकास से बातचीत भी कम कर दी थी। कई बार उसने विकास को मना भी किया, लेकिन वह मेघा से शादी करना चाहता था। काफी कोशिश के बाद भी जब विकास से पीछा नहीं छूटा तो मेघा ने नए प्रेमी अजय के साथ उसे रास्ते से हटाने की प्लानिंग कर डाली। नए प्रेमी को फोन पर लोकेशन देती रही प्रेमिका पुलिस के अनुसार, विकास धुलेंडी के दिन मेघा से मिलने दमोह रवाना हुआ था। निकलने के पहले उसने मेघा को कॉल किया। बताया कि वह आ रहा है। विकास से बात करने के बाद उसने तत्काल अजय को कॉल कर विकास के दमोह आने की जानकारी दी। इसी दौरान विकास को रास्ते से हटाने की प्लानिंग हुई। अजय अपने साथी लल्लू धानक के साथ जैसीनगर से निकला। रास्ते में मोबाइल पर बात कर मेघा विकास की लोकेशन लेती रही और अजय को बताती रही। जैसे ही विकास मुहली के पास जंगल के रास्ते पर पहुंचा। पहले से ताक लगाकर बैठे अजय और लल्लू धानक उसकी बाइक के सामने आ गए। उन्होंने उसे रोका। अजय और विकास एक-दूसरे को पहले से जानते थे, इसलिए वह भी आसानी से रुक गया। अजय ने विकास को मेघा से दूर रहने के लिए कहा। विकास मानने को तैयार नहीं था। काफी समझाने के बाद भी जब वह नहीं माना तो दोनों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। अधमरा कर वे उसे जंगल में खींचकर ले गए। वहां चाकू से गोदकर हत्या कर दी। आरोपियों ने विकास को करीब 15 बार चाकू से गोदा। हत्या के बाद जैसीनगर में घूम रहे थे, पकड़े गए वारदात के बाद दोनों जैसीनगर लौट आए। मेघा के पुलिस गिरफ्त में आते ही अजय और लल्लू के नाम सामने आ गए। पुलिस ने घर में दबिश दी, लेकिन दोनों नहीं मिले। मुखबिर की सूचना पर दोनों जैसीनगर में घूमते हुए पकड़े गए। पूछताछ में आरोपियों ने जुर्म कबूल लिया। वारदात में उपयोग किए चाकू के बारे में भी जानकारी दी। अजय पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था कॉलेज में पढ़ाई के दौरान अजय और मेघा की दोस्ती हुई। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन विकास राह में रोड़ा बना हुआ था। अजय ने बताया कि वह पढ़ाई के साथ पुलिस भर्ती की तैयारी भी कर रहा था। पूछताछ में उसने बताया कि मेघा के बताने पर उसने पहले भी विकास को समझाया था। हम दोनों शादी करने वाले हैं, लेकिन विकास सुनने को तैयार नहीं था। प्रेमिका समेत तीनों आरोपी गिरफ्तार रहली थाना प्रभारी सुनील शर्मा ने बताया कि हत्या की वारदात में जांच करते हुए आरोपी मेघा चढ़ार निवासी सागर और आरोपी अजय यादव, लल्लू धानक दोनों निवासी बांसा जैसीनगर को गिरफ्तार किया है। 7 फरवरी को आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपियों को जेल भेज दिया है। अफेयर के चलते हत्या की गई एडिशनल एसपी लोकेश सिन्हा ने बताया कि हत्या के मामले में महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में सामने आया कि मृतक का युवती से प्रेम संबंध था। बाद में युवती का अफेयर आरोपी अजय के साथ हो गया।
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