गर्मी की खेती से चमक रही किस्मत, 1 बीघा में 75 दिन में मोटी कमाई,15 हजार लगाकर कमा सकते है

गर्मी की खेती से चमक रही किस्मत, 1 बीघा में 75 दिन में मोटी कमाई,15 हजार लगाकर कमा सकते है


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Cucumber Farming: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में किसान गर्मी के मौसम में खाली पड़े खेतों में खीरे की खेती कर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. गर्मियों में खीरे की मांग ज्यादा होने के कारण किसान इस फसल को उगाने लगे हैं. किसानों के अनुसार खीरे की खेती के लिए काली मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है, क्योंकि इसमें नमी लंबे समय तक बनी रहती है और बार-बार सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे लागत कम और मुनाफा ज्यादा होता है.

रिपोर्टर, आशीष पांडे शिवपुरी 
Cucumbers Farming: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में गर्मी के सीजन में खाली पड़े खेत किसानों के लिए कमाई का अच्छा जरिया बनते जा रहे हैं. यहां कई किसान गर्मी के समय खीरा लगाकर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. दरअसल, गर्मियों में खीरे की बाजार में काफी ज्यादा मांग रहती है. यही कारण है कि ग्रामीण किसान अब बाजार की मांग को ध्यान में रखकर खेती कर रहे हैं और इससे अच्छा मुनाफा भी कमा रहे हैं. किसानों का कहना है कि अगर सही समय पर सही फसल लगाई जाए तो कम जमीन में भी अच्छी आय हासिल की जा सकती है.शिवपुरी जिले के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले किसानों का कहना है कि खीरे की फसल के लिए काली मिट्टी सबसे ज्यादा उपयुक्त मानी जाती है. उनका मानना है कि काली मिट्टी में नमी लंबे समय तक बनी रहती है. अगर एक बार खेत में पानी लगा दिया जाए तो करीब 15 दिनों तक खेत में नमी बनी रहती है और बार-बार सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन यदि खेत की मिट्टी काली नहीं है तो फसल को बार-बार पानी देना पड़ता है, जिससे मेहनत और लागत दोनों बढ़ जाती हैं. ग्रामीणों के अनुसार, गर्मी में होने वाली फसलों के लिए ऐसी जमीन जरूरी होती है जिसमें पानी लंबे समय तक टिक सके. यानी अगर खेत में एक बार पानी दिया जाए तो 15 से 20 दिन तक खेत पूरी तरह सूखना नहीं चाहिए, तभी फसल अच्छी तरह बढ़ती है.

शिवपुरी जिला मुख्यालय से करीब 75 किलोमीटर दूर स्थित धपोरा गांव की. यह गांव ऊंची पहाड़ियों के बीच बसा हुआ है और यहां के किसान सीमित संसाधनों में खेती करके भी अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. धपोरा गांव के किसान हरि राम सिंह बताते हैं कि उनके पास ज्यादा जमीन नहीं है, लेकिन दो से तीन बीघा जमीन में ही वह अच्छी कमाई कर लेते हैं। उनका कहना है कि यदि किसान सही तरीके से खेती करे और बाजार की मांग के अनुसार फसल लगाए तो कम जमीन में भी अच्छा मुनाफा संभव है.

एक बीघा जमीन में खीरे की खेती
हरि राम सिंह केवट बताते हैं कि इस समय उन्होंने एक बीघा जमीन में खीरे की खेती की है. इस फसल में करीब 15 हजार रुपये की लागत आई है, जिसमें बीज, सिंचाई और अन्य जरूरी खर्च शामिल हैं. उनका कहना है कि अगर बाजार का भाव अच्छा रहा और मौसम भी किसानों के पक्ष में रहा तो एक बीघा में लगाई गई इस फसल से करीब एक लाख रुपये तक की आमदनी हो सकती है. किसान बताते हैं कि कई बार बाजार में खीरे का भाव और ज्यादा अच्छा मिल जाता है, ऐसे में इससे भी अधिक कमाई हो जाती है. यह फसल लगभग ढाई महीने यानी करीब 75 दिनों में पूरी तरह तैयार हो जाती है.

ढाई महीने में एक लाख की आमदनी
किसानों का कहना है कि गर्मी के मौसम में कई फसलें कम समय में तैयार हो जाती हैं और अगर बाजार अच्छा मिल जाए तो अच्छा मुनाफा भी देती हैं. खीरे की फसल भी ऐसी ही फसलों में से एक है. किसान बताते हैं कि यह फसल लगभग ढाई महीने में तैयार होकर फल देने लगती है और उसी अवधि में इसकी अच्छी पैदावार भी मिल जाती है. ढाई महीने के बाद धीरे-धीरे यह फसल खत्म होने लगती है क्योंकि तेज गर्मी का असर पड़ता है. हालांकि, कम समय में तैयार होने के बावजूद यह फसल किसानों को अच्छा मुनाफा दे जाती है. किसानों का मानना है कि अगर बाजार भाव किसानों के पक्ष में रहा तो सिर्फ ढाई महीने में ही यह फसल अच्छी कमाई करा सकती है.

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Deepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें



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