अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ला ने बुधवार को भोपाल संभाग की विकास योजना और शासकीय नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कमिश्नर ऑफिस में बैठक की। इसमें पानी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। विधायकों ने भी पानी की समस्या के बारे में बताया। बैठक में भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधायक भगवानदास सबनानी, सांची विधायक प्रभुराम चौधरी, शमशाबाद विधायक सूर्यप्रकाश मीणा, नरसिंहगढ़ विधायक मोहन शर्मा एवं बैरसिया विधायक विष्णु खत्री मौजूद रहे। वहीं, अन्य जिलों से सभी विधानसभाओं के विधायक भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह समेत कई कलेक्टर, जिपं सीईओ आदि भी मौजूद रहे। बैठक में अपर मुख्य सचिव शुक्ला ने स्वास्थ्य, शिक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE), नल-जल योजना और जल जीवन मिशन सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की और योजनाओं के समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। स्वास्थ्य, शिक्षा और आंगनवाड़ियों की सघन निगरानी शुक्ला ने कलेक्टर्स को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य सेवाओं, विद्यालयों और आंगनवाड़ियों के संचालन की नियमित मॉनिटरिंग तय की जाए। उन्होंने विशेष रूप से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और स्कूलों की व्यवस्थाओं पर सतत् निगरानी रखने और किसी भी प्रकार की कमी या अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा। अधोसंरचना और नगरीय विकास पर जोर बैठक में अमृत-2.0 योजना के अंतर्गत किए जा रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्य पूर्ण होने के बाद सड़कों को जीर्ण-शीर्ण अवस्था में न छोड़ा जाए और उनका समय पर संधारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि नगरों के बढ़ते विस्तार को ध्यान में रखते हुए शहरों की बाहरी सीमाओं पर बहुद्देश्यीय विकास परियोजनाओं का निर्माण किया जाए। जिससे शहरी विकास को नियोजित स्वरूप मिल सके। पीएचई से जुड़ी समस्याओं के तत्काल दूर करने को कहा। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों के पास दोहरा प्रभार है, वे निर्धारित दिवसों पर संबंधित कार्यस्थलों पर उपस्थित रहकर कार्यों की नियमित समीक्षा करें। ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए। साथ ही बांधों के लिए अधिग्रहित भूमि का शीघ्र नामांतरण संबंधित विभागों के नाम करने के निर्देश भी दिए गए। पेयजल आपूर्ति और जनप्रतिनिधियों से समन्वय आगामी ग्रीष्मकाल को देखते हुए शुक्ला ने समूह पेयजल योजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। ताकि प्रत्येक नागरिक को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो सके। उन्होंने कलेक्टर्स से कहा कि जनप्रतिनिधियों, विशेषकर विधायकों के साथ निरंतर संवाद और समन्वय बनाए रखें। साथ ही उनके द्वारा उठाई गई जनसमस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करें।
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