उज्जैन55 मिनट पहले
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भास्कर संवाददाता | उज्जैन
सरकार को समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए उज्जैन जिले में इस बार रिकॉर्ड 1.25 लाख किसानों ने पंजीयन करवा लिया। किसानों के पंजीकृत 3 लाख हेक्टेयर रकबे के हिसाब से इस बार खरीदी का रिकॉर्ड भी संभवत: टूटेगा ही।
यह पहला मौका है जब समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए किसानों ने इतना उत्साह दिखाया है। इससे पहले पंजीयन का यह आंकड़ा 70 हजार से लेकर 97 हजार तक ही रहता आया है। पहले से 197 खरीदी केंद्र बनाने वाले अधिकारियों ने अब खरीदी संसाधन बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है, क्योंकि पिछले साल की तुलना 97 हजार पंजीकृत किसानों की तुलना इस साल 28 हजार किसान बढ़ गए हैं। जिन्होंने 3 लाख हेक्टेयर रकबा दर्ज करा दिया है। रकबे के हिसाब से खरीदी का आंकड़ा 80 से 90 लाख क्विंटल तक पहुंचने का अनुमान है। आपूर्ति नियंत्रक शालू वर्मा ने बताया कि पंजीयन का आंकड़ा पिछले रिकॉर्ड के मुताबिक अब तक का सबसे ज्यादा है। केंद्र व भंडारण के इंतजाम बढ़ा रहे हैं। जिन किसानों ने 2025 में भावांतर योजना के लिए पंजीयन नहीं कराया उन्हें 500 से 700 रुपए प्रति क्विंटल नुकसान हुआ। उन्हें भावांतर की राशि नहीं मिली। इसलिए किसानों ने सरकार द्वारा फिक्स दाम 2625 रु. का लाभ पक्का करने पंजीयन करा लिया।