कांग्रेस नेता के बिगड़े बोल, BJP विधायक को बताया धुरंधर का रहमान डकैत, MLA ने किया पलटवार

कांग्रेस नेता के बिगड़े बोल, BJP विधायक को बताया धुरंधर का रहमान डकैत, MLA ने किया पलटवार


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सिवनी में कांग्रेस नेता राजा बघेल ने बीजेपी नेता और विधायक दिनेश राय मुनमुन को धुरंधर फिल्म का रहमान डकैत बताया है. इस पर विधायक ने भी तीखा पलटवार किया है. इसी वजह से राजनीतिक गलियारों में माहौल गरमा गया है और दोनों तरफ से जुबानी जंग जारी है.

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कांग्रेस नेता ने बीजेपी विधायक को कहा रहमान डकैत

Seoni News: मध्य प्रदेश के सिवनी जिले की नगर पालिका में कथित भ्रष्टाचार को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के नेता एक दूसरे पर हमलावर हो गए हैं. दरअसल सिवनी नगर पालिका में कांग्रेस अध्यक्ष शफीक खान को पद से हटाने की कवायद और जिले की लखनादौन की भाजपा शासित नगर परिषद में 83 लाख रुपए के कथित भ्रष्टाचार मामले में ईओडब्ल्यू शिकायत के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. इसी बीच कांग्रेस नेता राजा बघेल ने सिवनी के बीजेपी विधायक दिनेश राय मुनमुन को धुरंधर का रहमान डकैत तक कह दिया, जिससे सियासी पारा गर्म हो गया. बाद में बीजेपी विधायक ने भी इन आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है.

कांग्रेस नेता राजा बघेल ने कही ये बात
कांग्रेस नेता राजा बघेल ने कहा कि केवल सिवनी नगर की लखनादौन की नगर पंचायत का मामला नहीं है. सिवनी नगर पालिका, छपारा और केवलारी, इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी द्वारा शासित जितनी नगर पालिका हैं. वहां पर भ्रष्टाचार का मामला चल रहा है और इन सब भ्रष्टाचार मामलों के मुखिया हैं सिवनी के विधायक दिनश राय मुनमुन. अब लोग उन्हें धुरंधर का रहमान डकैत भी कहने लगे हैं.

इनके नेतृत्व में सारे लोग चुप्पी साधे हुए हैं और सच को सच कहने की हिम्मत नहीं जुटा पाए हैं. इसके पूर्व विधायक जी ने भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर आवाज तो उठाई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद धीरे-धीरे वह भी इसका हिस्सा बन गए. नगर पालिका से ये लोग लाभान्वित हो रहे हैं.

बीजेपी विधायक ने किया पलटवार
सिवनी के बीजेपी विधायक दिनेश राय मुनमुन ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें सोचना समझना चाहिए, कुछ तथ्य मजबूत हों, रखें आप. सिवनी में एक-एक बच्चा मेरे बारे में जानता है, मेरे काम करने की शैली के बारे में जानता है. ठीक है आप विरोधी पार्टी हैं और विरोध करें मेरे बारे में. अगर आपके पास कोई प्रूफ है, तो विरोध करें. मैं ऐसे लोगों को जवाब देने की आवश्यकता नहीं समझता हूं. उन्होंने मुस्कराते हुए कहा कि यह उनके विरोध करने का तरीका है. वह आने वाले पचासों सालों तक सिवनी से बाहर रहेंगे. अगर उनकी यही भाषा रही.



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