खंडवा में लोगों की जुबान पर ‘फर्स्ट चॉइस चाय’, दीपक पटेल के स्टार्टअप की कहानी

खंडवा में लोगों की जुबान पर ‘फर्स्ट चॉइस चाय’, दीपक पटेल के स्टार्टअप की कहानी


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Khandwa News: दीपक पटेल ने आगे कहा कि उनकी दुकान का नाम ‘फर्स्ट चॉइस चाय’ है. यहां मिलने वाली स्पेशल कुल्हड़ चाय और इलायची वाली दूध की चाय लोगों को काफी पसंद आती है.

खंडवा. मध्य प्रदेश के खंडवा के एक युवक ने पढ़ाई के बाद नौकरी की जगह खुद का काम शुरू करने का फैसला लिया और आज उसी फैसले ने उसे अलग पहचान दिला दी. खंडवा के सुरगांव जोशी के रहने वाले दीपक पटेल ने इंदौर से BBA की पढ़ाई करने के बाद चाय का छोटा सा स्टार्टअप शुरू किया था. आज उनकी चाय की दुकान शहर में काफी मशहूर हो चुकी है और वह रोजाना करीब 4000 रुपये तक की कमाई कर रहे हैं. दीपक ने मेहनत और नए आइडिया के दम पर अपनी दो चाय की दुकानें शुरू कर ली हैं और कम उम्र में ही आत्मनिर्भर बन गए हैं. दीपक ने लोकल 18 से कहा कि उन्होंने इंदौर से BBA की पढ़ाई पूरी की और आगे MBA भी शुरू किया था लेकिन बीच में ही पढ़ाई छोड़कर उन्होंने खुद का काम करने का फैसला लिया. उनका मानना था कि किसी की नौकरी करने से बेहतर है कि छोटा ही सही लेकिन अपना काम किया जाए.

उन्होंने कहा कि इंदौर में पढ़ाई के दौरान उन्होंने देखा कि वहां चाय के स्टार्टअप का काफी क्रेज है. उसी समय उनके मन में भी चाय का काम शुरू करने का विचार आया. उन्हें खुद भी चाय बनाना पसंद था और घर पर भी वह अक्सर चाय बनाया करते थे. दीपक ने खंडवा में नवोदय अस्पताल के पास अपनी पहली चाय की दुकान शुरू की. धीरे-धीरे लोगों को उनकी चाय का स्वाद पसंद आने लगा और दुकान चल पड़ी. इसके बाद उन्होंने मानसिंह मिल चौराहे पर दूसरी दुकान भी शुरू कर दी. आज उनकी दुकान की कुल्हड़ चाय और स्पेशल कोल्ड चाय लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हो गई है.

‘फर्स्ट चॉइस चाय’ बना ब्रांड
दीपक पटेल ने आगे कहा कि उनकी दुकान का नाम ‘फर्स्ट चॉइस चाय’ है. यहां मिलने वाली स्पेशल कुल्हड़ चाय और इलायची वाली दूध की चाय लोगों को काफी पसंद आती है. पिछले करीब चार साल से वह यह काम कर रहे हैं और अब इस बिजनेस में अच्छी सफलता मिल रही है.

परिवार ने मना किया लेकिन…
दीपक ने कहा कि जब उन्होंने चाय की दुकान खोलने की बात घर पर बताई, तो परिवार ने शुरुआत में मना किया. घरवालों का कहना था कि पढ़ाई करने के बाद नौकरी कर लो लेकिन चाय का काम मत करो. हालांकि दीपक ने अपने फैसले पर भरोसा रखा और धीरे-धीरे परिवार को भी समझाया. आज जब उनका काम अच्छा चल रहा है, तो परिवार भी खुश है. दीपक के पिता किसान हैं और खेती का काम करते हैं.

युवाओं को दिया संदेश
दीपक का कहना है कि अगर युवाओं को जिंदगी में आगे बढ़ना है, तो उन्हें खुद का कुछ शुरू करने की सोच रखनी चाहिए. उनका मानना है कि बड़ा नौकर बनने से अच्छा है कि छोटा ही सही लेकिन खुद के मालिक बनो. आने वाले समय में वह अपने ‘फर्स्ट चॉइस चाय’ ब्रांड की फ्रेंचाइजी भी शुरू करने की योजना बना रहे हैं ताकि अन्य युवाओं को भी रोजगार मिल सके.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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