भोपाल की साइबर क्राइम विंग 10-12वीं एमपी बोर्ड का पर्चा लीक करने के नाम पर छात्रों से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। आरोपी टेलीग्राम एप के माध्यम से 500 से ₹ 1000 रुपए में पर्चा देने का वादा करते थे। ठगी की रकम ऑनलाइन फर्जी खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी। फिलहाल गिरोह के एक आरोपी की राजगढ़ से गिरफ्तारी हो गई है। आरोपी की निशानदेही पर अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपी टेलीग्राम एप पर एमपी बोर्ड पेपर लीक के नाम से ग्रुप बनाकर छात्रों को जोड़ता था। इस ग्रुप का यूजरनेम एमपीबोर्डपेपरलीक नाम से था। आरोपी छात्रों को यह भरोसा दिलाता था कि उसके पास एमपी बोर्ड की वार्षिक परीक्षा के असली प्रश्नपत्र मौजूद है और पैसे देने पर उन्हें परीक्षा से पहले उपलब्ध करा दिए जाएंगे। जांच में सामने आया है कि आरोपी 10वीं और 12वीं के छात्रों से 500 से 1000 रुपये तक वसूलता था। पैसे मिलने के बाद वह छात्रों को प्राइवेट टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ने का लालच देता था। रकम फर्जी खातों में क्यूआर कोड के माध्यम से ट्रांसफर कराई जाती थी। हालांकि पैसे मिलने के बाद आरोपी छात्रों को असली पेपर देने के बजाय सैंपल पेपर भेजकर गुमराह कर देता था। पुलिस ने मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम ब्रांच की टीम ने तकनीकी विश्लेषण कर आरोपी अरुण मालवीय (22) पिता घनश्याम मालवीय निवासी मालवीय मोहल्ला खुजनेर, राजगढ़ से गिरफ्तार कर लिया।
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