बालाघाट कोर्ट ने नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में आरोपी दीपक मरकाम को 20 साल की सजा सुनाई। शनिवार को विशेष न्यायाधीश गौतम सिंह मरकाम की अदालत ने 22 वर्षीय आरोपी पर 5,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है। घटना 8 अप्रैल 2023 की है, जब नाबालिग लड़की कपड़े खरीदने के बहाने घर से निकली थी और लापता हो गई थी। परिजन की शिकायत पर पुलिस ने तलाश शुरू की और करीब एक महीने बाद 10 मई को उसे गौनाझोला से बरामद किया। पूछताछ में लड़की ने बताया कि दीपक उसे पसंद करता था और शादी करना चाहता था। वह उसी के बुलावे पर घर से निकली थी। उमरिया से नागपुर तक का सफर नाबालिग ने पुलिस को बताया कि दीपक उसे पहले उमरिया ले गया और फिर नागपुर पहुंचा। नागपुर के एक मंदिर में उसने लड़की से शादी की और उसे पत्नी बनाकर रखा। जब 9 मई को दीपक उसे लेकर अपने गांव गौनाझोला पहुंचा, तो उसके माता-पिता ने दोनों को साथ रखने से मना कर दिया। इसके बाद ही पुलिस ने लड़की को संरक्षण में लिया। कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर सुनाई सजा पुलिस ने दीपक के खिलाफ अपहरण और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर कोर्ट में पेश किया। विशेष लोक अभियोजक आरती कपले ने इस मामले में मजबूती से पक्ष रखा। कोर्ट ने पेश किए गए सबूतों और लड़की के बयानों को आधार मानते हुए दीपक को दोषी करार दिया और 20 साल की जेल की सजा सुनाई।
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