चूल्हे पर बना खाना क्यों हेल्दी? डॉक्टर ने समझाया फर्क, गैस किल्लत के बीच बढ़ा चलन

चूल्हे पर बना खाना क्यों हेल्दी? डॉक्टर ने समझाया फर्क, गैस किल्लत के बीच बढ़ा चलन


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Trips And Tricks: मिट्टी के चूल्हे पर लकड़ी और उपलों की धीमी आंच में बना खाना अलग स्वाद और सोंधी खुशबू के लिए जाना जाता है. तवे पर धीरे-धीरे सिकती रोटियां और मिट्टी की हांडी में पकती दाल-सब्जी भोजन का स्वाद बढ़ा देती हैं. वहीं गैस पर तेजी से बना खाना कई मायनों में बीमारियां बढ़ाता है. जानें…

Heatlh Tips: मध्य प्रदेश के सीधी जिले में इन दिनों गैस सिलेंडर की कमी का असर सीधे लोगों की रसोई पर दिखाई दे रहा है. शहरों में जहां लोग गैस की किल्लत से परेशान हैं, वहीं गांवों में एक बार फिर पारंपरिक मिट्टी के चूल्हे पर खाना बनाने का चलन बढ़ गया है. कई परिवार मजबूरी में तो कई लोग स्वाद और परंपरा के कारण चूल्हे पर ही भोजन बना रहे हैं.

स्थानीय रसोइया प्रियंका सिंह ने लोकल 18 को बताया कि गैस की किल्लत का असर शहरों में ज्यादा दिखाई दे रहा है. गांवों में आज भी लोग लकड़ी और उपलों की धीमी आंच में भोजन बनाना पसंद करते हैं. तवे पर सिकती रोटियां और हांडी में पकती दाल-सब्जी से पूरे घर में एक अलग सुगंध फैल जाती है. वहीं, आंगन में बैठकर परिवार के साथ खाना खाने से भोजन का आनंद और भी बढ़ जाता है.

पाचन बढ़िया, कब्ज खत्म!
आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. आरपी परौहा के अनुसार, मिट्टी के चूल्हे पर बना भोजन कई मायनों में स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद भी होता है. चूल्हे पर खाना पकाने में तेल और मसालों की मात्रा अपेक्षाकृत कम लगती है, जिससे भोजन हल्का और स्वास्थ्यवर्धक बनता है. शरीर में अतिरिक्त वसा नहीं बढ़ती. धीमी आंच पर पकने के कारण भोजन का तापमान संतुलित रहता है, जिससे यह आसानी से पच जाता है. इससे पाचन तंत्र भी मजबूत होता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है. इसके अलावा धीमी आंच में पकने से कई सब्जियों और मसालों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा बढ़ सकती है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद करते हैं.

बढ़ रहा चूल्हे का चलन
डॉ. परौहा के अनुसार, मिट्टी के चूल्हे पर पकाया गया खाना अपेक्षाकृत अधिक प्राकृतिक होता है. इसमें किसी प्रकार के रासायनिक पदार्थ, प्रिज़र्वेटिव्स या पैकेज्ड मसालों की आवश्यकता नहीं होती, जिससे भोजन अधिक शुद्ध और पारंपरिक रूप में तैयार होता है. हालांकि, चूल्हे पर खाना बनाते समय धुएं की समस्या भी सामने आती है, लेकिन इसके बावजूद कई लोग इसे अपनाने लगे हैं. गैस संकट के इस दौर में सीधी जिले में मिट्टी के चूल्हे एक बार फिर रसोई का अहम हिस्सा बनते नजर आ रहे हैं.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



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