पंचकल्याणक महोत्सव में 400 दिन बाद मुनि वृषभसागर की आहारचर्या: विदिशा में केवलज्ञान कल्याणक आयोजन, श्रद्धालुओं ने इक्षुरस से आहार दान किया – Vidisha News

पंचकल्याणक महोत्सव में 400 दिन बाद मुनि वृषभसागर की आहारचर्या:  विदिशा में केवलज्ञान कल्याणक आयोजन, श्रद्धालुओं ने इक्षुरस से आहार दान किया – Vidisha News




विदिशा में चल रहे पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव के पांचवें दिन मुनि वृषभसागर महाराज की आहारचर्या संपन्न हुई। इसी दिन मध्यान्ह में भगवान आदिनाथ के केवलज्ञान कल्याणक का भी आयोजन किया गया। यह महोत्सव शीतलधाम के अधिष्ठाता बर्रो वाले बड़ेबाबा भगवान आदिनाथ के नए मंदिर में स्थापित प्रतिमाओं की बेदी प्रतिष्ठा और नवीन जिनबिंबों की पंचकल्याणक प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर महाराज एवं आचार्य समयसागर महाराज के आशीर्वाद से तथा निर्यापक श्रमण मुनि संभवसागर महाराज, मुनि निस्सीम सागर महाराज और मुनि संस्कार सागर महाराज के सानिध्य में संपन्न हो रहा है। 400 दिनों के उपवास के बाद महाराज की आहारचर्या
प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी के अनुसार, महोत्सव के पांचवें दिन सुबह 6 बजे से मांगलिक क्रियाएं प्रारंभ हुईं। इसके बाद लगभग 400 दिनों के उपवास के पश्चात मुनि वृषभसागर महाराज की आहारचर्या संपन्न हुई। इसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक इक्षुरस (गन्ने का रस) से आहार दान किया। इस दौरान हस्तिनापुर के राजा श्रेयांस और राजा सोम के पात्रों द्वारा नवधा भक्ति के साथ पढ़गाहन की परंपरा निभाई गई। मुनि संभवसागर महाराज और मुनि निस्सीम सागर महाराज ने भगवान ऋषभदेव के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए बताया कि दीक्षा के बाद प्रभु ने लंबे समय तक कठोर तप किया था। आहार विधि का ज्ञान न होने के कारण लोग उन्हें भौतिक वस्तुएं अर्पित करते थे। अंततः हस्तिनापुर में राजा श्रेयांस ने नवधा भक्ति से इक्षुरस अर्पित कर प्रभु को आहार कराया था। पंचकल्याणक में इसी प्रसंग का प्रतीकात्मक आयोजन किया गया। मुनि संघ के सानिध्य में विधिनायक प्रतिमा सहित सभी प्रतिमाओं पर अंकन्यास एवं केवलज्ञान विधि मंत्रोच्चार के साथ कराई गई। शुभ मुहूर्त में भगवान को केवलज्ञान की प्राप्ति का विधान किया गया। इस अवसर पर एक कृत्रिम समवसरण की रचना की गई, जिसमें देव-देवियों को विमान से उतरकर तीर्थंकर भगवान आदिनाथ की आराधना करते हुए दर्शाया गया।



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