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Mulching Technique: गर्मी के मौसम में किसान खाली पड़े खेतों में कमाई बढ़ाने के लिए सब्जी, उड़द और पपीता जैसी फसलें उगा रहे हैं. जिले के एक किसान ने मल्चिंग तकनीक के साथ पपीता की खेती शुरू की है, जो दो-तीन साल तक लगातार फल देती है और गर्मी में पौधों को नमी बनाए रखती है.
रिपोर्टर: आशीष पांडे (शिवपुरी)
Mulching Technique: शिवपुरी जिले में अब गर्मी के सीजन में किसान कम जमीन में भी खाली पड़े खेतों को कमाई का जरिया बना रहे हैं. जिले के किसान अलग-अलग तरीके से खेती करके गर्मी के मौसम में भी अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. कई किसान सब्जियों की खेती कर रहे हैं तो कुछ किसान उड़द और अन्य फसलें उगा रहे हैं. इसी बीच शिवपुरी जिले में एक किसान ने पपीता की खेती शुरू की है. उनका कहना है कि पपीता की खेती एक बार लगाने के बाद दो से तीन साल तक लगातार फल देती रहती है. उन्होंने मल्चिंग तकनीक के साथ पपीता के पौधे लगाए हैं, जिससे गर्मी में भी पौधों को नमी मिलती रहती है और फसल को फायदा होता है.
हम बात कर रहे हैं शिवपुरी जिले की खनियाधाना तहसील के मुहासा गांव में रहने वाले किसान विजय की. विजय बताते हैं कि वे चार भाई हैं और पहले उनका ज्यादातर काम भाड़े का था. उनके पास ट्रैक्टर, पिकअप और मैजिक वाहन है, जिनसे वे अलग-अलग मंडियों में माल ढुलाई का काम करते थे. कई बार पपीता की मंडी में माल लेकर जाने के दौरान उनके मन में विचार आया कि जब दूसरे किसान पपीता की खेती से कमाई कर सकते हैं तो वे भी यह खेती कर सकते हैं. इसके बाद उन्होंने यूट्यूब के माध्यम से पपीता की खेती के बारे में जानकारी ली और खुद एक एकड़ जमीन में पपीता के पौधे लगाए.
विजय बताते हैं कि उनके यहां पानी की पर्याप्त व्यवस्था है, इसलिए उन्होंने गर्मी के सीजन में भी पपीता की खेती शुरू की. यह फसल एक बार लगाने के बाद कई साल तक फल देती रहती है. फिलहाल उन्होंने सीखने के मकसद से एक एकड़ जमीन में पपीता लगाया है. वे बताते हैं कि उनके चारों भाइयों ने मिलकर यह फैसला लिया और खेती में नया प्रयोग किया. उनका मानना है कि समय के साथ हर व्यक्ति को खुद को अपडेट करना चाहिए. इसी सोच के साथ उन्होंने पपीता की खेती शुरू की है. अगर यह प्रयोग सफल रहा तो आने वाले समय में वे पपीता के साथ-साथ अन्य फलों की खेती भी शुरू करेंगे.
मल्चिंग तकनीक से लगाए गए पपीते के पौधे
किसान विजय बताते हैं कि उन्होंने पपीता के पौधे मल्चिंग तकनीक के साथ लगाए हैं. इस तरीके में पौधों के आसपास प्लास्टिक मल्चिंग शीट बिछाई जाती है, जिससे मिट्टी की नमी लंबे समय तक बनी रहती है और खरपतवार भी कम उगते हैं. गर्मी के मौसम में यह तकनीक फसल के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती है. मल्चिंग की वजह से पौधों को कम पानी में भी अच्छा विकास मिलता है. विजय का कहना है कि उन्होंने यह तरीका भी यूट्यूब से देखकर सीखा और खेत में प्रयोग किया है. इस तकनीक से पौधे जल्दी बढ़ते हैं और उत्पादन भी अच्छा मिलने की उम्मीद रहती है.
यूट्यूब से सीखी खेती की नई तकनीक
विजय बताते हैं कि पपीता की खेती शुरू करने से पहले उन्होंने इंटरनेट और यूट्यूब पर कई वीडियो देखे. वहीं से उन्होंने पौधे लगाने का तरीका, दूरी, खाद और सिंचाई के बारे में जानकारी ली. इसके बाद खेत में पूरी तैयारी के साथ पौधे लगाए गए. उनका कहना है कि आज के समय में किसान नई तकनीक और जानकारी के जरिए खेती को बेहतर बना सकते हैं. पहले वे केवल भाड़े के काम पर निर्भर थे, लेकिन अब खेती में भी नया प्रयोग कर रहे हैं. उनका मानना है कि अगर सही जानकारी और मेहनत हो तो खेती भी अच्छी आमदनी का जरिया बन सकती है.
चार भाइयों ने मिलकर शुरू किया खेती का नया प्रयोग
विजय बताते हैं कि उनके परिवार में चार भाई हैं और सभी ने मिलकर पपीता की खेती करने का फैसला लिया. पहले परिवार का मुख्य काम गाड़ियों से भाड़ा करना था, लेकिन अब उन्होंने खेती में भी नई शुरुआत की है. सभी भाइयों ने मिलकर खेत की तैयारी, पौधे लगाना और सिंचाई की व्यवस्था की है. विजय का कहना है कि यह खेती अभी सीखने के उद्देश्य से शुरू की गई है. अगर पपीता की फसल अच्छी रही और उत्पादन सही मिला तो आने वाले समय में वे बड़े स्तर पर पपीता और अन्य फलों की खेती भी शुरू करेंगे. उनका मानना है कि खेती में नए प्रयोग से किसानों की आय बढ़ सकती है.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें