MP में LPG संकट-होटल में गैस खत्म, मेन्यू बदला: भोपाल-इंदौर में इंडक्शन पर पक रहा खाना; घरेलू सिलेंडर के लिए 8 घंटे कतार में – Bhopal News

MP में LPG संकट-होटल में गैस खत्म, मेन्यू बदला:  भोपाल-इंदौर में इंडक्शन पर पक रहा खाना; घरेलू सिलेंडर के लिए 8 घंटे कतार में – Bhopal News


ईश्वर सिंह परमार, भोपाल8 मिनट पहले

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मध्य प्रदेश में रसोई गैस (LPG) का संकट बढ़ता जा रहा है। छह दिन से 50 हजार से ज्यादा होटल और रेस्टोरेंट को कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिले हैं। भोपाल, इंदौर के कई होटल-रेस्टोरेंट में गैस खत्म हो गई है। इसलिए वहां मेन्यू बदला है। कई रेहड़ी भी बंद हो गई है। इधर, घरेलू सिलेंडर को लेकर पूरे प्रदेश में मारामारी है।

कमर्शियल के साथ घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर भी मारामारी मची हुई है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर समेत अन्य शहरों में बुकिंग के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल रहा है। छोटे बच्चे हो या बुजुर्ग, सब घंटों लाइन में लग रहे हैं। भोपाल में ऐसी तस्वीरें आम हो गई है। शनिवार को 8 घंटे तेज धूप में खड़े होने के बाद सिलेंडर नसीब हुआ। रविवार को भी किल्लत बनी रहेगी।

एमपी में गैस सिलेंडर लेकर लाइन में लगे लोग।

एमपी में गैस सिलेंडर लेकर लाइन में लगे लोग।

गैस एजेंसी पर उमड़ती लोगों की भीड़।

गैस एजेंसी पर उमड़ती लोगों की भीड़।

6 दिन से होटल-रेस्टोरेंट को एक भी सिलेंडर नहीं मिला एमपी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने बताया कि 6 दिन से किसी भी होटल या रेस्टोरेंट को एक भी कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई नहीं हुई है। अब तक जैसे-तैसे व्यवस्था बनाकर रखी, लेकिन शनिवार से कई होटल और रेस्टोरेंट में गैस का स्टॉक खत्म होने लगा है। जिन जगहों पर गैस बची है, वहां पर मेन्यू बदल दिया गया है। खासकर गैस पर ही पकने वाले व्यंजन को मेन्यु से हटा दिया है। गैस की बचत के लिए सुझाव भी दिए हैं।

भोपाल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली ने बताया कि गैस की सप्लाई ठप होने से वैकल्पिक इंतजाम किए हैं। इंडक्शन और डीजल भट्‌टी पर भोजन बना रहे हैं। राजधानी में अधिकांश होटल-रेस्टोरेंट संचालकों ने इंडक्शन, इलेक्ट्रिक ग्रिडल या फ्रायर, इलेक्ट्रिक कुकर और स्टीमर आदि का उपयोग भी कर रहे हैं।

अब कोयले की भी डिमांड बढ़ गई है।

अब कोयले की भी डिमांड बढ़ गई है।

भोपाल में बंद हो गई रेहड़ी 6 नंबर स्थित हॉकर्स जोन में खाने-पीने के 25 से ज्यादा स्टॉल हैं। दो से तीन स्टॉल पिछले 2 दिन से बंद हैं। शाहपुरा स्थित 10 से ज्यादा रेहड़ी बंद कर दी गई है।

शैक्षणिक संस्थाओं को भी गैस नहीं कमर्शियल सिलेंडर को लेकर अस्पताल, शैक्षणिक संस्थाएं, एयरपोर्ट-रेलवे स्टेशन, पुलिस व सेना की कैंटिंग को छूट दी गई है, लेकिन भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) में सिलेंडर नहीं दिए जा रहे हैं। यहां के 16 हॉस्टल मेस और मरीजों के सेंट्रलाइज्ड किचन में स्टॉक महज एक दिन का बचा है। बुकिंग पर 25 दिन की वेटिंग मिल रही है। रेजिडेंट डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि सप्लाई बहाल नहीं हुई, तो उन्हें खाली पेट ड्यूटी करनी पड़ेगी।

ग्वालियर में इंडक्शन-कोयले की मांग बढ़ी ग्वालियर में शादी में डीजल भट्ठियों, लकड़ी और कोयले के दम पर खाना पक रहा है। बाजार में इंडक्शन और कोयले की मांग 20% तक बढ़ गई है। छिंदवाड़ा के इंडियन कॉफी हाउस में कमर्शियल गैस न मिलने के कारण अब पारंपरिक चूल्हों पर नाश्ता तैयार हो रहा है।

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मध्य प्रदेश में पिछले 6 दिनों से गैस इमरजेंसी है। सिलेंडरों की किल्लत के कारण भोपाल, इंदौर, उज्जैन सहित कई शहरों में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। कहीं गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से लंबी कतारें लगी हैं, तो कहीं लोग घंटों इंतजार के बाद भी खाली सिलेंडर लेकर लौट रहे हैं।पूरी खबर पढ़ें

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