इंदौर में ई-रिक्शा के लिए कलर कोड: अब 4 जोन में बंटेंगे रिक्शे, छत के रंग से होगी पहचान; 10 दिन में होगी आवंटन प्रोसेस – Indore News

इंदौर में ई-रिक्शा के लिए कलर कोड:  अब 4 जोन में बंटेंगे रिक्शे, छत के रंग से होगी पहचान; 10 दिन में होगी आवंटन प्रोसेस – Indore News




शहर की सड़कों पर ई-रिक्शा के कारण लगने वाले जाम और अव्यवस्था को खत्म करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। सोमवार को डीसीपी राजेश कुमार त्रिपाठी ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया ई-रिक्शाओं का संचालन 4 सेक्टरों में होगा। सभी सेक्टर के लिए अलग-अलग रंग तय किए है। खास बात यह है कि हर जोन के रिक्शा की पहचान उसकी छत के रंग से होगी। आगामी 10 दिनों आवंटन की प्रोसेस की जाएगी। डीपीसी त्रिपाठी ने बताया कि शहर में ई-रिक्शा संचालन को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं नियंत्रित करने के उद्देश्य से ये व्यवस्थाएं लागू की जाएगी। शहर का जोनवार विभाजन :- ई-रिक्शा संचालन को व्यवस्थित करने के लिए शहर को संबंधित ट्रैफिक के 4 जोन के आधार पर 4 सेक्टरो में विभाजित किया जाएगा। जोनवार पहचान हेतु रंग निर्धारण:- प्रत्येक जोन के ई-रिक्शाओं की छत का रंग अलग-अलग निर्धारित किया जाएगा, जिससे उनकी पहचान आसानी से हो सके। सेक्टर आवंटन प्रक्रिया:- ई-रिक्शाओं को जोन/सेक्टर का आवंटन “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर किया जाएगा।
एक मालिक के एकाधिक ई-रिक्शा:- यदि किसी व्यक्ति के पास एक से ज्यादा ई-रिक्शा हैं, तो उसके सभी ई-रिक्शाओं को अलग-अलग जोन में आवंटित किया जाएगा, जिससे किसी एक क्षेत्र में ज्यादा दबाव न बने। पंजीयन हेतु निर्धारित प्रोफार्मा:- ई-रिक्शा पंजीयन के लिए एक निर्धारित प्रोफार्मा उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके अनुसार सभी आवेदकों को आवश्यक जानकारी भरकर पंजीयन प्रक्रिया पूर्ण करनी होगी। दस्तावेजों की अनिवार्यता:- ई-रिक्शा का पंजीयन केवल तभी किया जाएगा जब वाहन से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज पूर्ण एवं वैध होंगे।
पंजीयन की समय-सीमा:- आगामी 10 दिवस के अंदर शहर में संचालित सभी ई-रिक्शाओं का पंजीयन पूरा कराया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। पंजीयन हेतु स्थान एवं व्यवस्था:- ई-रिक्शा पंजीयन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए जोन के अनुसार पंजीयन स्थान निर्धारित किए गए हैं। समय-सीमा के बाद चालानी कार्रवाई:- निर्धारित पंजीयन अवधि समाप्त होने के बाद जिन ई-रिक्शाओं का पंजीयन नहीं होगा, उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पारदर्शिता एवं सुरक्षा व्यवस्था:- सभी ई-रिक्शाओं को पीछे की ओर से खुला रखा जाएगा, ताकि वाहन के अंदर की गतिविधियां स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकें। बैठक में उपस्थित सभी प्रतिनिधियों ने ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय बनाकर शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा ई-रिक्शा संचालन को नियमबद्ध करने के लिए पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। मीटिंग में डीसीपी त्रिपाठी के साथ ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मॉनिटरिंग कमेटी के सदस्य शरद नाईक, बैटरी ई-रिक्शा संघ के अध्यक्ष राजेश बिडकर तथा ई-रिक्शा प्रतिनिधि आदि मौजूद रहे।



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