दो दिन बंद रही दुकान तब जली दिमाग की बत्ती, अब ₹10 की ‘घोटा चाय’ के लिए लगी लंबी लाइन

दो दिन बंद रही दुकान तब जली दिमाग की बत्ती, अब ₹10 की ‘घोटा चाय’ के लिए लगी लंबी लाइन


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Chai Business Success Story: मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में गैस सिलेंडर की किल्लत के बीच एक चाय विक्रेता ने अनोखा जुगाड़ निकाल लिया. कमर्शियल LPG नहीं मिलने पर उसने डीजल से चलने वाली भट्टी तैयार कर ली और उसी पर चाय बनाकर अपना कारोबार जारी रखा. करीब 6000 रुपये खर्च करके बनाई गई इस भट्टी से अब रोजाना हजार से ज्यादा कप चाय तैयार की जा रही है. खास बात यह है कि यहां मिलने वाली ‘घोटा चाय’ सिर्फ 10 रुपये में मिलती है और स्वाद के कारण दूर-दूर से लोग पीने आते हैं. यह कहानी बताती है कि मुश्किल हालात में भी जुगाड़ और मेहनत से कारोबार को कैसे चलाया जा सकता है.

Burhanpur Tea Business Success Story: मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में इन दिनों कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी का असर छोटे कारोबारियों पर साफ देखने को मिल रहा है. कई होटल और चाय दुकानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इसी बीच बुरहानपुर के मदीना सेंटर में चाय बेचने वाले दुकानदार ने ऐसा जुगाड़ निकाला है, जिसकी अब इलाके में खूब चर्चा हो रही है. गैस नहीं मिलने पर उन्होंने डीजल से चलने वाली भट्टी बना ली और उसी पर चाय बनाकर अपना काम जारी रखा.

दो दिन बंद रही दुकान, फिर निकाला जुगाड़
मदीना टी का संचालन करने वाले नसीर और बशीर बैग बताते हैं कि पहले वे गैस की भट्टी पर चाय बनाते थे. लेकिन जब कमर्शियल गैस की टंकी मिलना बंद हो गई तो उन्हें दो दिन तक दुकान बंद रखनी पड़ी. इसके बाद उन्होंने घर पर ही डीजल से चलने वाली भट्टी तैयार करने का फैसला किया. पहले के समय में केरोसिन की भट्ठियां चलती थीं, लेकिन अब केरोसिन आसानी से नहीं मिलता. इसलिए उन्होंने डीजल की भट्टी बना ली. इस भट्टी को तैयार करने में करीब 6000 रुपये का खर्च आया और अब उसी पर चाय बनाकर वे अपना कारोबार चला रहे हैं.

रोज बिकती है 1000 से ज्यादा चाय
दुकानदार बताते हैं कि उनके यहां रोज करीब 1000 से ज्यादा कप चाय बिक जाती है. सुबह से लेकर देर रात तक लोगों की आवाजाही बनी रहती है. लोगों को यहां की चाय का स्वाद इतना पसंद है कि आसपास के इलाकों से भी लोग चाय पीने के लिए पहुंचते हैं.

₹10 की मशहूर ‘घोटा चाय’
नसीर और बशीर बैग बताते हैं कि उनके यहां ₹10 की एक कप चाय मिलती है. इस चाय को वे खास तरीके से बनाते हैं. इसमें अच्छा दूध, चीनी और बढ़िया क्वालिटी की चाय पत्ती का इस्तेमाल किया जाता है. उनकी चाय को लोग ‘घोटा चाय’ के नाम से जानते हैं, क्योंकि इसे खास तरीके से घोट-घोटकर बनाया जाता है.

महंगी पड़ रही डीजल भट्टी, फिर भी जारी है काम
दुकानदार बताते हैं कि पहले रोजाना गैस की एक टंकी खत्म हो जाती थी. अब गैस की सप्लाई बंद होने के कारण उन्हें डीजल भट्टी चलानी पड़ रही है, जो थोड़ा महंगा भी पड़ रहा है. लेकिन उनका कहना है कि समय के हिसाब से कारोबार में बदलाव करना ही पड़ता है. इसलिए उन्होंने जुगाड़ का रास्ता अपनाया और अब उसी से अपना काम चला रहे हैं.बुरहानपुर में इस अनोखे जुगाड़ की चर्चा हर तरफ हो रही है और लोग इसे मुश्किल समय में काम चलाने का शानदार उदाहरण मान रहे हैं.

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Shweta Singh

Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें



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