लहार जनपद अध्यक्ष मीना सिंह राजावत के निवास पर हुई फायरिंग के मामले में ग्वालियर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए एफआईआर रद्द कर दी है। दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता होने के बाद कोर्ट ने यह आदेश जारी किया। इसके साथ ही पुलिस द्वारा आरोपियों पर घोषित इनाम और अन्य सभी कानूनी कार्यवाहियां भी स्वतः समाप्त हो गई हैं। जनपद अध्यक्ष के घर हुई थी फायरिंग यह मामला 27 नवंबर की रात का है, जब अज्ञात हमलावरों ने जनपद अध्यक्ष के घर पर गोलीबारी की थी। हमले के समय उनके पति और प्रतिनिधि मानवेन्द्र सिंह राजावत मौके पर मौजूद थे, जो इस घटना में बाल-बाल बच गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए लहार थाना पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की थी। आरोपियों पर था पांच-पांच हजार का इनाम पुलिस जांच में ह्रदेश सिंह उर्फ दद्दू भदौरिया और शिवप्रताप उर्फ गोलू राजावत के नाम सामने आए थे। इसके बाद भिंड एसपी डॉ. असित यादव ने दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी पर पांच-पांच हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। आरोपी तभी से पुलिस रिकॉर्ड में वांछित चल रहे थे। हाईकोर्ट ने समझौते के आधार पर दिया फैसला याचिकाकर्ता शिवप्रताप सिंह ने हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान न्यायालय को अवगत कराया गया कि दोनों पक्षों के बीच अब आपसी सामंजस्य स्थापित हो चुका है। इस आधार पर कोर्ट ने पुलिस की एफआईआर और उसके बाद की गई पूरी कानूनी प्रक्रिया को शून्य घोषित करते हुए केस बंद करने का आदेश दिया।
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