इंदौर के जू में दिखेगी चाइना की टेक्नोलॉजी: 14-D थिएटर में दर्शकों को महसूस होगा रोमांच, आभासी दुनिया का होगा अहसास – Indore News

इंदौर के जू में दिखेगी चाइना की टेक्नोलॉजी:  14-D थिएटर में दर्शकों को महसूस होगा रोमांच, आभासी दुनिया का होगा अहसास – Indore News




इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में चाइना की टेक्नोलॉजी दर्शकों को देखने को मिलेगी। क्योंकि यहां 14-D थिएटर तैयार किया जा रहा है। अप्रैल में ये थिएटर शुरू हो सकता है। यहां पर दर्शकों को आभासी दुनिया में असली रोमांच महसूस होगा। प्रबंधन का दावा है कि ये देश का पहला जू है जहां 14-D थिएटर तैयार किया जा रहा है। खासबात यह है कि ये 14-D थिएटर उस जगह बनाया है, जो इस्तेमाल में नहीं थी। ये जगह मास्टर प्लान से आउट की जगह है। पिछले साल मार्च महीने में यहां पर PPP मोड पर काम शुरू हुआ था जो लगभग 80 से 85% पूरा हो गया है। जो काम बचा है वह भी जल्द पूरा होगा और अप्रैल में दर्शकों के लिए ये खोला जा सकता है। दैनिक भास्कर ने चिड़ियाघर के प्रभारी डॉ.उत्तम यादव से इसे लेकर खास चर्चा कि उन्होंने बताया कि इस थिएटर में जो भी फिल्में दिखाई जाएगी वह वाइड लाइफ और एनवायरनमेंट को प्रमोट करने वाली होगी। वे बताते है कि अभी तक कई लोगों ने 3-D या 4-D के बारे में सुना था, लेकिन ये 14-D थिएटर होगा। यानी इसमें 14 एलिमेंट्स इनवॉल्व होंगे। जब थिएटर में स्क्रीन पर कोई फिल्म दिखाई जाएगी तो दर्शक वीआर ग्लास पहनकर उसे अपने सामने महसूस कर सकेंगे, दर्शक वर्चुअल दुनिया को अपने आसपास महसूस भी कर सकेंगे। जो सीन स्क्रीन पर दिखेगा दर्शक उसने अपने आप को पाएगा। अगर बादल गर्जेगा तो वह वैसा ही पूरा महसूस होगा, बारिश होगी तो उसकी बौछार भी दर्शकों पर आएगी, हवा भी महसूस होगी। इसके अलावा पहाड़ से नीचे उतर रहे तो उसकी सीटिंग अरेंजमेंट भी वैसा ही होगा, यानी स्क्रीन पर जो दिख रहा है वह दर्शकों को महसूस होगा। यहां 14 एलिमेंट्स एक साथ काम करेंगे। दर्शकों को रोमांच का अनुभव होगा। 14-D थिएटर के अलावा होलोग्राम जू भी रहेगा। हवा में अलग-अलग प्राणियों की आकृतियां देखने को मिलेगी। ये भी दर्शकों को काफी आकर्षित करेगा। इसके अलावा वॉटर फॉल, कैफेटेरिया और जंगल सफारी, भूलभुलैया भी रहेगी। जंगल सफारी में भी ऐसे एनिमल दिखाए जाएंगे जो या तो विलुप्त हो गए है या विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गए हैं। दर्शकों को यहां एक अच्छा अनुभव होगा जब वह उस जोन में जाएगा। ऐसा महसूस होगा मानो वह अलग दुनिया में चला गया है। यह इंदौर जू का पहला एक्सपेरिमेंट हैं, जो हम करने जा रहे हैं। 40 सीट की कैपेसिटी रहेगी, जो बढ़ाई जा सकेगी डॉ.यादव ने बताया कि 14-D थिएटर में फिलहाल 40 सीटें रहेंगी, लेकिन इसमें हमने एक्सपाइशन की गुंजाइश रखी है। शुरुआत में 40 सीटों से इसकी शुरुआत की जाएगी। अगर दर्शकों का अच्छा रिस्पोंस मिलता है तो यहां पर सीटों की संख्या को बढ़ाया जा सकेगा। डिमांड के अनुसार 70 से 80 सीटें यहां की जा सकेंगी। जरूरत के हिसाब से ही यहां एक्सपान्शन किया जाएगा। मॉडल भी दर्शकों को लुभाने वाला इस 14-D थिएटर का जो मॉडल (बिल्डिंग) बनाया गया है, वह भी दर्शकों को लुभाने वाला बनाया है। गोरिल्ला के मुंह से दर्शकों की एंट्री होगी और हाथी फेस से दर्शक बाहर निकलेंगे। ये बच्चों के लिए काफी रोमांचक होगा। ये जोन स्पेसिफिक जोन है, इसमें मॉडर्न टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। यहां दर्शकों को अलग अनुभव देने के लिए टेक्नोलॉजी में कोई कमी नहीं छोड़ी है। जनता यहां आए तो यहां से एक अच्छा अनुभव लेकर ही जाए। 17 हजार स्क्वेय फीट में तैयार किया है थिएटर
वे बताते हैं कि 14-D थियेटर चिड़ियाघर में 17 हजार स्क्वेयर फीट के एरिया में तैयार किया गया है। ये एक तरह का कॉम्प्लेक्स होगा जिसमें ये सारी चीजें देखने को मिलेगी। रेवेन्यू शेयरिंग की बात करें तो इसे PPP मॉडल पर बनवाया है। नगर निगम को एक भी पैसा खर्च नहीं करना पड़ा है। एजेंसी ने ही पूरा पैसा लगाया है और कंस्ट्रक्शन किया है। जू को साल की एक फिक्स अमाउंट मिलेगी एजेंसी से। इसके अलावा जो टेंडर होगा वह टिकिट सेल शेयरिंग पर होगा, यानी जो टिकिट सेल होगा उसमें भी जू का परसेंटेज होगा। कहीं ना कहीं दर्शकों की संख्या बढ़ेगी साथ ही साथ जू की इनकम भी बढ़ेगी और अच्छा माहौल जू में तैयार होगा। चाइना की टेक्नोलॉजी देखने को मिलेगी
डॉ. यादव बताते हैं कि 14-D थिएटर में चाइना की टेक्नोलॉजी को इनवॉल्व किया है। कहीं ना कहीं चाइना ऐसे प्रोजेक्टों में वह लीड करता है, तो उसकी ही टेक्नोलॉजी हम इस्तेमाल करने जा रहे हैं। 14-D थिएटर के विचार को लेकर उन्होंने कहा कि कोई भी छोटी-मोटी चीजें हम देखते हैं तो उसके आगे की लाइन तैयार करने का हम प्लान करते हैं। गौरखपुर में देखा था कि वहां के जू में बहुत छोटे स्तर पर और 3-D टेक्नोलॉजी इनवॉल्व कर ये चलाया जा रहा है। उससे आगे बढ़कर हमने उसकी कमियों को दूर करते हुए 14-D तक गए। जो चीजें इनवॉल्व नहीं थी हमने उसे भी इनवॉल्व किया है। वे बताते हैं कि बहुत सारी चीजों को सर्ज भी किया जाता है। जिसके बाद इस तरह की चीज तैयार होती है। अगले महीने हो सकती है शुरुआत, 70 रुपए रहेगा टिकट
14-D थिएटर का 80 से 85% काम पूरा हो चुका है। सीटों का अरेंजमेंट किया जा रहा है, चूंकि ये काफी टेक्निकल काम है और टाइम कंज्यूमिंग है। इसलिए इसमें थोड़ा टाइम लगेगी। संभवत: अप्रैल माह में इसकी शुरुआत की जा सकती है। टिकिट की बात करें तो इसकी टिकट 70 रुपए प्लान किया गया है। अगर जरूरत पड़ती है तो टिकट की कीमतों को बढ़ाया जा सकता है। कई चीजें देश के बाहर से आई है
मिली जानकारी के मुताबिक 14-D थिएटर में जो गोरिल्ला और हाथी को तैयार किया गया है वह भी विदेशों के जू से लिया गया है। इसके साथ ही यहां जो स्क्रीन लगाई जाएगी वह साउथ कोरिया से मंगलवाई गई है, ये पानी में भी खराब नहीं होगी। इसके साथ ही कई ऐसे प्रोडक्ट हैं, जो यहां नहीं मिलने पर उन्हें बाहर से बुलवाया गया है और कुछ प्रोडक्ट्स को असेंबल करवाया गया है। हालांकि इस थिएटर का काम चल रहा है, लेकिन दर्शक अभी से गोरिल्ला के चेहरे के बाहर ही खड़े होकर सेल्फी लेना शुरू कर चुके हैं।



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