दमोह शहर के वन मंडल कार्यालय के सामने मंगलवार शाम को बांसों के झुंड में अचानक आग लग गई। यह स्थान कलेक्टर बंगले के बेहद करीब स्थित है, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। बांसों के घर्षण से भड़की आग गर्मी के मौसम में बांस के पेड़ों के बीच होने वाले घर्षण (रगड़) को आग लगने का मुख्य कारण माना जा रहा है। मंगलवार शाम को भी इसी वजह से अचानक आग भड़क उठी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। गनीमत रही कि आग समय रहते बुझा ली गई, अन्यथा सड़क किनारे बनी झोपड़ियों और रिहायशी इलाके में भारी नुकसान हो सकता था। पहले भी हो चुकी आगजनी की घटनाएं उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र में बांसों के झुंड में आग लगने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। दो साल पहले कलेक्टर बंगले के पास ऐसी ही आग दो दिनों तक सुलगती रही थी, जिसके बाद वहां से बांस कटवाए गए थे। वन मंडल कार्यालय के समीप भी सुरक्षा की दृष्टि से समय-समय पर एहतियात बरतने की जरूरत महसूस की जा रही है। जनहानि नहीं, पर बना रहा टपरों में आग का खतरा इस ताजा घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। हालांकि, सड़क के ठीक बगल में आग लगने के कारण धुएं का गुबार छा गया और पास बने अस्थाई टपरों (झोपड़ियों) तक लपटें पहुंचने का डर बना रहा। वन विभाग और स्थानीय प्रशासन अब भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उचित कदम उठाने पर विचार कर रहा है।
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