इंदौर में होगी अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक: डॉ. मोहन भागवत होंगे शामिल; अक्टूबर-नवंबर माह में देश के सभी प्रांतों से 450 कार्यकर्ता आएंगे – Indore News

इंदौर में होगी अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक:  डॉ. मोहन भागवत होंगे शामिल; अक्टूबर-नवंबर माह में देश के सभी प्रांतों से 450 कार्यकर्ता आएंगे – Indore News


आरएसएस की सबसे महत्वपूर्ण होने वाली अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक इस साल इंदौर में होगी। अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक अक्टूबर-नवंबर माह में आयोजित होगी। इस बैठक में अखिल भारतीय कार्यकारिणी सहित देश के सभी प्रांतों से 450 कार्यकर्ता आएंगे।

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इंदौर में मालवा प्रांत के संघचालक डॉ. प्रकाश शास्त्री ने बताया कि यह बहुत सौभाग्य की बात है कि कार्यकारी मंडल की बैठक इंदौर में होने जा रही है और इसमें लगभग साढ़े 400 कार्यकर्ता आएंगे। इस बैठक में प्रांत के कुछ कार्यकर्ता आते हैं। जैसे संघ चालक है, कार्यवाह है, प्रांत प्रचारक है और उसके ऊपर के क्षेत्र के कुछ कार्यकर्ता आएंगे। बताया जा रहा है कि यह बैठक आरएसएस के संगठनात्मक बदलावों, जैसे मालवा प्रांत को इंदौर और उज्जैन संभाग में विभाजित करने (जो अगले साल मार्च तक प्रभावी होगा), और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण होगी। इंदौर में होने वाली यह बैठक अक्टूबर-नवंबर महीने में अलग-अलग सत्रों में तीन से चार दिन तक चलेगी।

डॉ. मोहन भागवत। -फाइल

यह रहेंगे बैठक के संभावित एजेंडे

  • संगठनात्मक बदलावों की समीक्षा और क्रियान्वयन।
  • शताब्दी वर्ष के बाद की रणनीति।
  • वर्तमान राष्ट्रीय परिदृश्य पर चर्चा।
  • प्रांतों से रिपोर्ट्स और विशेष कार्य।
  • आगामी योजनाएं और लक्ष्य।

जमीनी कार्यों की समीक्षा, 2026 तक पूर्ण प्रखंड कवरेज लक्ष्य संघ सूत्रों ने बताया की इस बैठक में शताब्दी वर्ष में चलाए गए कार्यक्रमों की गहन समीक्षा होगी। जमीनी स्तर पर सबसे प्रभावी प्रकल्पों की पहचान और कमजोर क्षेत्रों में सुधार पर फोकस रहेगा। 2027 तक हर प्रखंड में सक्रिय शाखा स्थापित करना मुख्य लक्ष्य है। बैठक में सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, ग्राम विकास, परिवार प्रबोधन जैसे मुद्दों पर भी गहन चर्चा होगी। सेवा प्रकल्पों की संख्या बढ़ाने और राष्ट्रीय जीवन में संघ की भूमिका को मजबूत करने की रणनीति बनेगी।

इसलिए महत्वपूर्ण है यह बैठक यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि संघ शताब्दी के बाद अगले दशक की दीर्घकालिक योजना पर काम कर रहा है। संगठन विस्तार, सामाजिक एकता और राष्ट्र निर्माण में संघ की भूमिका को मजबूत करने की ठोस रूपरेखा यहीं तैयार होगी।



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