जिले में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए चलाया जा रहा एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान रफ्तार पकड़ रहा है। कलेक्टर रुचिका सिंह चौहान के मार्गदर्शन में जारी इस अभियान के तहत 18 मार्च तक जिले की 4044 किशोरी बालिकाओं को सुरक्षा कवच दिया जा चुका है। इस उपलब्धि के साथ ग्वालियर प्रदेश की रैंकिंग में 14वें स्थान पर पहुंच गया है। बुधवार को टीकाकरण के आंकड़ों में ग्रामीण क्षेत्र के पिछोर (डबरा ब्लॉक) और शहरी क्षेत्र के लक्ष्मीगंज ने बाजी मारी। पिछोर में 20 और लक्ष्मीगंज यूपीएचसी में 37 बालिकाओं को टीके लगाए गए, जिसे स्वास्थ्य विभाग ने बेहतरीन प्रदर्शन माना है। स्त्री रोग विशेषज्ञों के अनुसार, सर्वाइकल कैंसर मुख्य रूप से एचपीवी वायरस के संक्रमण से होता है, यदि किशोरी को 14-15 वर्ष की उम्र में यह टीका लग जाता है, तो शरीर में वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित हो जाती है। भारत में हर साल हजारों महिलाएं इस बीमारी के कारण दम तोड़ देती हैं। पिछड़ने वाले केंद्रों को सुधार के निर्देश एक तरफ जहां कुछ केंद्रों ने अच्छा प्रदर्शन किया, वहीं ग्रामीण क्षेत्र के आंतरी और शहरी क्षेत्र के केआरएच में टीकाकरण की गति सबसे कम रही। इस पर सीएमएचओ डॉ. सचिन श्रीवास्तव ने नाराजगी जताते हुए आगामी सप्ताह में सुधार के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले के सभी 25 टीकाकरण केंद्रों पर माइक्रो प्लानिंग के साथ काम किया जाए। साथ ही लोगों को इसके लिए जागरूक किया जाएगा। 15 साल से कम उम्र की बच्चियों के लिए सुरक्षा डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि यह अभियान 28 फरवरी 2026 से शुरू हुआ है। इसमें 14 से 15 वर्ष के बीच की उन बालिकाओं को कवर किया जा रहा है, जिन्होंने अभी अपना 15वां जन्मदिन नहीं मनाया है। अभिभावक अपनी बेटियों का पंजीयन यू-विन (U-Win) पोर्टल के माध्यम से कर सकते हैं या सीधे चिन्हित स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर टीका लगवा सकते हैं। पूरे प्रदेश में अब तक 1.28 लाख से अधिक बालिकाओं को यह टीका लग चुका है। टीकाकरण बिना किसी डर के जरूर करवाएं यह टीका पूर्णतः सुरक्षित है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बेटियों को बचाने के लिए अभिभावक बिना किसी डर के टीकाकरण जरूर करवाएं। -डॉ. सचिन श्रीवास्तव, सीएमएचओ
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