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इंदौर के अग्निकांड में 8 लोगों की जलकर मौत हो गई. बताया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग गई और बाद में डिजिटल लॉक नहीं खुला और इसी वजह से लोग अंदर ही फंसे रह गए. पड़ोसियों ने जान पर खेलकर पुगलिया परिवार के चार लोगों की जान बचाई है.
इंदौर के ग्रेटर बृजेश्वरी में हुए हादसे में मनोज पुगलिया समेत 8 लोगों की मौत हो गई. इस दर्दनाक हादसे में परिवार के कई सदस्य हाई सिक्योरिटी लॉक होने की वजह से घर से बाहर नहीं आ पाए और दम घुटने और जलने की वजह से उन्हें बचाया नहीं जा सका. पुगलिया परिवार के लिए देवदूत बनकर आए उनके पड़ोसियों ने उनके घर के चार लोगों की जान बचा ली.
देर होने पर नहीं बचते चार लोग
पुगलिया परिवार के चार लोगों को रेस्क्यू करने वाले भरत जैन ने बताया कि अगर 5 मिनट भी और देर हो जाती, तो बाकी के चार लोगों को भी नहीं बचाया जा सकता था. पूरा मकान आग की लपटों से घिरा हुआ था. रात के करीब 3:30 के आसपास की यह घटना है, जब उन्हें अचानक से बचाओ-बचाओ की आवाज आने लगी. पहले उन्हें लगा कि कोई अपराधी गैंग हो सकता है, क्योंकि आजकल इस तरह के अपराध हो रहे हैं. लेकिन जब उन्होंने बाहर देखा तो उनके पड़ोसी मनोज पुगलिया की पत्नी सुनीता पुगलिया और बच्चे बचाओ की गुहार लगा रहे थे.
सीढ़ी ढूंढकर मदद करने पहुंचे भरत जैन
उन्होंने अपने भाइयों के साथ मिलकर दौड़ते भागते हुए सीढ़ी ढूंढी और उनकी मदद करने के लिए पहुंचे. उनकी गैलरी पूरी तरह से जल गई थी, इसलिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी, जबकि आग की लपटें भी पीछे धकेल रही थीं. परिवार को बचाने के लिए उन्होंने जैसे-तैसे बड़ा रस्सा लाकर उस एलुमिनियम की फ्रेम को खींचकर तोड़ा, तब जाकर उनके तीनों बेटे और मां को बचा पाए. अगर उन्हें रिस्क करने में 5 मिनट की भी देरी हो जाती तो फिर किसी को भी बचना मुमकिन नहीं था।.
भरत जैन ने बताया कि उनके दूसरे नंबर के बेटे की पत्नी भी गैलरी तक आ गई थी, लेकिन नाइट सूट बदलने के लिए अंदर गई पर धुंए की वजह से फिर बाहर नहीं आ पाई. साथ ही घर में नीचे भी कुछ मेहमान आए हुए थे, जिन्हें वह लगातार आवाज लगाकर ऊपर बुलाने की कोशिश कर रहे थे. आग की लपटों और धुएं की वजह से वह लोग भी बाहर नहीं आ पाए. इसका उन्हें अफसोस है.
आग के गोले की तरह धड़क रहा था घर
घटना का जिक्र करते हुए वह बताते हैं कि घर किसी आग के गोले की तरह धड़क रहा था. एक के बाद एक कंप्रेसर भी फट रहे थे, तो वहीं एक गैस टंकी भी ब्लास्ट हो गई. इसका असर इतना तेज था कि उनके घर के दीवार में भी क्रैक आ गया.