दिल्ली जाने के बदले गांव में रुका और लगा दिया करोड़ों का दिमाग, घर बैठे बन गया बिजनेसमैन!

दिल्ली जाने के बदले गांव में रुका और लगा दिया करोड़ों का दिमाग, घर बैठे बन गया बिजनेसमैन!


Food Business Success Story: छतरपुर जिले के बक्सवाहा तहसील के रहने वाले 22 साल के श्रीराम सिंह लोधी की कहानी काफी दिलचस्प है. उन्होंने सिर्फ 12वीं तक पढ़ाई की, लेकिन आज वो ऐसा काम कर रहे हैं, जिससे उन्हें घर बैठे रोजगार मिल गया है. जहां ज्यादातर युवा शहरों की ओर नौकरी के लिए भागते हैं, वहीं श्रीराम ने गांव में ही अपना रास्ता चुना.

चाचा से सीखा हुनर, बना बिजनेस
श्रीराम बताते हैं कि उनके चाचा पिछले 20 सालों से खाने-पीने की चीजें बनाते आ रहे हैं. वहीं से उन्हें भी इस काम में रुचि हुई. धीरे-धीरे उन्होंने पापड़, बरी, नमकीन और कई तरह के प्रोडक्ट बनाना सीख लिया. फिर उन्होंने इसी काम को अपना बिजनेस बना लिया.

मिलेट्स से बना रहे 20 से ज्यादा प्रोडक्ट
आज श्रीराम ज्वार, बाजरा, गेहूं, अलसी और लाई जैसे मोटे अनाज से कई तरह के आइटम बना रहे हैं. इनमें पापड़, बरी, आंवला प्रोडक्ट, रोस्टेड अलसी, मीठा गेहूं, फीका गेहूं, बिजोरा नमकीन, मूंग-उड़द दाल की बरी जैसे 20 से ज्यादा प्रोडक्ट शामिल हैं. खास बात ये है कि ये सब चीजें घर पर ही तैयार होती हैं.

घर में ही मिला रोजगार
श्रीराम कहते हैं कि अगर वो दिल्ली या हरियाणा काम करने जाते, तो 20-25 हजार रुपये ही मिलते. लेकिन यहां घर पर ही काम करके वो अपने परिवार के साथ रह रहे हैं और अपना बिजनेस भी बढ़ा रहे हैं. अब वे खुद प्रोडक्ट बनाते हैं और मार्केटिंग व सेल्स का काम भी संभालते हैं.

पूरा परिवार मिलकर करता है काम
यह सिर्फ उनका नहीं, बल्कि पूरे परिवार का बिजनेस है. परिवार के सदस्य मिलकर प्रोडक्ट तैयार करते हैं, जिससे काम भी आसान होता है और कमाई भी बढ़ती है.
श्रीराम का कहना है कि परिवार के साथ रहकर काम करना ही उनके लिए सबसे बड़ी खुशी है.

गांव में ही बना लिया करियर
आज श्रीराम जैसे युवा यह साबित कर रहे हैं कि अगर सही दिशा और मेहनत हो, तो गांव में रहकर भी अच्छा बिजनेस किया जा सकता है. मिलेट्स का बढ़ता ट्रेंड उनके काम को और आगे बढ़ा रहा है.



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