हरदा जिले में गुरुवार देर रात मौसम अचानक बदल गया। करीब 12 बजे के बाद तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश शुरू हुई, जो कुछ समय तक जारी रही। इससे मौसम ठंडा हो गया, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ गई। खेतों में पककर तैयार गेहूं, चना और सियाचीड़ की फसल इस बारिश से प्रभावित हुई है। तेज हवाओं के कारण कई जगह गेहूं की फसल आड़ी पड़ गई है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है। किसानों को नुकसान
किसानों का कहना है कि अगर बारिश जारी रही तो उन्हें बड़ा नुकसान हो सकता है। गेहूं की चमक कम हो जाएगी और नमी बढ़ने से सही दाम नहीं मिलेंगे। चने की फसल में भी नमी आने से बेचने में दिक्कत हो सकती है। कृषि विभाग के उप संचालक जवाहरलाल कास्दे ने बताया कि जिले के तीनों ब्लॉकों में करीब 75 प्रतिशत फसलों की कटाई हो चुकी है। उन्होंने कहा कि तेज बारिश नहीं हुई है, इसलिए गेहूं की चमक पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, हालांकि कुछ जगह हवा से फसल आड़ी हुई है। खेतों में कटकर रखी फसल की क्वालिटी हुई खराब
ग्राम पीड़गांव के किसान भगवानदास धार्मिक ने बताया कि उन्होंने दो एकड़ की गेहूं की फसल काटकर खेत में रखी थी, लेकिन ट्रैक्टर नहीं मिलने से घर नहीं ला पाए। अब बारिश से फसल भीग गई है। किसान संघ के पदाधिकारी विजेश मुकाती ने बताया कि जिन किसानों ने मूंग की बोनी की है, उन्हें भी नुकसान का खतरा है। बारिश से आम लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन गांवों में किसानों के बीच चिंता का माहौल बना हुआ है।
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