सड़कों की धूल को हटाने के लिए नगर निगम के शेड में खड़ी तीन रोड स्वीपिंग मशीनें जयपुर की कंपनी चलाएगी। निगम ने तीनों मशीनों की देखरेख, संचालन सहित अन्य जिम्मेदारी कंपनी को थमा दी है। अभी कंपनी के प्रतिनिधियों ने आकर बैंक गारंटी जमा कर दी है। अगले सप्ताह तक नगर निगम और जयपुर की कंपनी के बीच अनुबंध होने की उम्मीद जताई जा रही है। निगम ने साल 2019 में तीन रोड स्वीपिंग मशीनें खरीदी थीं। ये मशीनें पिछले कई दिनों से निगम के पूर्व विधानसभा के वर्कशॉप के शेड में खड़ी धूल खा रही है। इस कारण से सड़कों पर जमा धूल को नहीं हटाया जा रहा है। पिछले दिनों तीनों मशीनों के संचालन के लिए निगम ने टेंडर निकाला था। उस टेंडर में जयपुरी की एक निजी कंपनी ने जिम्मेदारी संभालना स्वीकार किया है। जिसके बाद संचालन की जिम्मेदारी कंपनी जल्द संभालेगी। जिम्मेदारी: 2.50 करोड़ में 3 साल का ठेका 3 रोड स्वीपिंग मशीनों का ठेका 2.50 करोड़ में दिया है। इस राशि में कंपनी 3 साल तक अपना चालक, सुपरवाइजर आदि स्टॉफ रखेगी। अनुबंध होने के बाद कंपनी वाहनों को संचालित करने का काम शुरू कर देगी। सड़कों से नहीं हट रही धूल रोड स्वीपिंग मशीनें पूरी नहीं चलने के कारण सड़क और डिवाइडर किनारे की धूल नहीं हट रही है। विवेकानंद पुल के दोनों फुटपाथ किनारे धूल जमा है। न्यू हाईकोर्ट तिराहे से न्यू कलेक्ट्रेट रोड के हालात भी ऐसे ही बने हुए है। शिंदे की छावनी तिराहे से रामदास घाटी, ऊंट पुल से इंदरगंज चौराहा, शीतला सहाय चौराहे से राज पाएगा रोड, नाका चंद्रवदनी चौराहा से एजी आफिस पुल और फिर पुल के ऊपर भी मिट्टी जमा है। तानसेन रोड पर कई जगह डिवाइडर के किनारे धूल है। ऐसे हालात शहर में कई जगह दिखाई दे जाएंगे।
Source link