झाबुआ में गणगौर का जुलूस निकला: महिलाओं ने अखंड सौभाग्य के लिए पूजा की, गरबा नृत्य भी किया – Jhabua News

झाबुआ में गणगौर का जुलूस निकला:  महिलाओं ने अखंड सौभाग्य के लिए पूजा की, गरबा नृत्य भी किया – Jhabua News




झाबुआ नगर में शनिवार को पालीवाल समाज ने अखंड सौभाग्य का पर्व गणगौर तीज हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। स्थानीय श्री गोवर्धन नाथ मंदिर से शाम 6 बजे महिलाओं ने जुलूस निकाला, जिसमें भक्ति और परंपरा का सुंदर संगम देखने को मिला। रंग-बिरंगी वेशभूषा में सजी महिलाएं अपने सिर पर मिट्टी से बने ईसर-गणगौर की प्रतिमाएं धारण कर मंगल गीत गाती हुई शहर के मुख्य मार्गों से गुजरीं। इस दौरान महिलाओं ने पारंपरिक गरबा नृत्य भी किया, जिससे पूरा मार्ग उत्सव के रंग में रंग गया। जुलूस का समापन रात 7:45 बजे पुनः गोवर्धन नाथ मंदिर पर हुआ। शिव-पार्वती का प्रतीकात्मक विवाह मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजन और रस्मों के साथ भगवान शिव और माता पार्वती का प्रतीकात्मक विवाह संपन्न कराया गया। इसके बाद आयोजित महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और अंत में सभी को प्रसाद वितरित किया गया। समाज की सक्रिय सहभागिता इस धार्मिक आयोजन में समाज की वरिष्ठ महिलाओं के साथ-साथ युवा वर्ग और बालिकाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वरिष्ठ महिलाओं में मोहिनी पालीवाल, मीना पालीवाल, लक्ष्मी पालीवाल, सुशीला जोशी, मंजू पालीवाल, संतु पालीवाल, सविता पालीवाल, भावना पालीवाल, पूजा पालीवाल, प्रिया जोशी, श्वेता जोशी और तरुणा जोशी शामिल रहीं। युवा वर्ग से शिवानी, तनु, प्रियंका, नताशा और बाली पालीवाल सहित कई बालिकाएं शामिल रहीं। पर्व की मान्यता और महत्व गणगौर पर्व माता पार्वती की कठोर तपस्या और भगवान शिव के साथ उनके मिलन की स्मृति में मनाया जाता है। कुंवारी कन्याएं अच्छे वर की प्राप्ति के लिए पूजा करती हैं। विवाहित महिलाएं पति की दीर्घायु और अखंड सुहाग की कामना के साथ दिनभर उपवास रखती हैं।



Source link