ग्वालियर नगर निगम मुख्यालय के बेसमेंट में सरकारी इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के चार्ज किए जा रहे हैं। यह लापरवाही इंदौर में चार्जिंग के दौरान EV कार में आग लगने की घटना के बाद भी सामने आई है। निगम मुख्यालय के ठीक बगल में एक नया EV चार्जिंग स्टेशन कुछ दिन पहले ही नगर निगम आयुक्त द्वारा उद्घाटित किया गया था। इसके बावजूद, निगम के जिम्मेदार अपनी गाड़ियों को बेसमेंट में घंटों चार्ज पर लगाकर छोड़ देते हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रोजाना सैकड़ों लोग अपने काम के लिए नगर निगम मुख्यालय आते हैं और अपने वाहन बेसमेंट में पार्क करते हैं। इन्हीं वाहनों के बीच सरकारी इलेक्ट्रिक कारों को चार्ज किया जाता है। कर्मचारियों द्वारा इन गाड़ियों को घंटों अकेला छोड़ दिया जाता है, जिससे किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में बड़ी जनहानि या संपत्ति का नुकसान हो सकता है। दूसरी ओर, नगर निगम मुख्यालय से कुछ ही कदम की दूरी पर बना सार्वजनिक EV चार्जिंग स्टेशन अधिकांश समय खाली रहता है। जब सरकारी गाड़ियां ही सार्वजनिक स्टेशन का उपयोग नहीं कर रही हैं, तो आम जनता के बीच इसका क्या संदेश जाएगा, यह भी एक चिंता का विषय है। इस सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन का उद्घाटन बीते 12 मार्च को ग्वालियर की महापौर शोभा सिकरवार और नगर निगम आयुक्त संघप्रिय ने किया था। इसका उद्देश्य EV वाहन चालकों को सुविधा प्रदान करना और आर्थिक तंगी से जूझ रहे नगर निगम के लिए राजस्व जुटाना था। हालांकि, निगम के जिम्मेदार अधिकारी कथित तौर पर मुफ्त चार्जिंग के लालच में पूरे मुख्यालय को जोखिम में डालने से नहीं हिचकिचा रहे हैं, जिससे निगम को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। इस संबंध में जब नगर निगम के संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनसे बात नहीं हो सकी।
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