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Balaghat News: आनंद चौधरी और विनोद डहरवाल ने मंदिर में बजरंगबली की मूर्ति के सामने डेढ़-डेढ़ किलो घी से भरे आटे के दीये जलाए. पूजा-पाठ किया. आसपास सिंदूर लगे चावल रखे और फिर वहां से चले गए लेकिन उन्हें क्या पता था कि हनुमान जी की मूर्ति में आग लग जाएगी.
बालाघाट. आस्था और अंधभक्ति के बीच की लकीर बेहद महीन होती है. जब भक्ति की सीमा पार हो जाती है, तो मामला गंभीर हो जाता है. एक ऐसा ही मामला मध्य प्रदेश के बालाघाट के कटंगी थाना क्षेत्र के तहत आने वाले जाम गांव में देखने को मिला. दरअसल गांव के प्राचीन जामेश्वर मंदिर परिसर में स्थित हनुमान जी प्रतिमा में आग लगने का मामला सामने आया था. इसके बाद न सिर्फ ग्रामीण बल्कि इलाके के हिंदू संगठन से जुड़े लोग आक्रोशित हो गए. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पहले दिन से ही कार्रवाई तेज कर दी थी. नतीजतन पुलिस ने महज तीन दिन के भीतर अनसुलझी गुत्थी सुलझा ली है. इस घटना को मानवीय चूक बताकर दोनों लोगों को छोड़ दिया गया है. बालाघाट के एसपी आदित्य मिश्रा ने घटना का खुलासा किया. उन्होंने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि इस केस में धारा 298 बीएनएस के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला पंजीबद्ध किया गया था. मामले में तीन स्पेशल टीमों का गठन किया गया. इसके बाद कई लोगों से पूछताछ की गई. तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दो लोगों से पूछताछ की गई और उन्होंने मंदिर में आधी रात को पूजा-पाठ करने की बात को स्वीकार किया. पुलिस ने दोनों की बात सुनने के बाद इसे सिर्फ एक मानवीय चूक माना और एक नोटिस थमाकर कानूनी कार्रवाई से बरी कर दिया.
कटंगी थाना क्षेत्र के कालीमाटी टेकाड़ी गांव के रहने वाले आनंद चौधरी संतान प्राप्ति के लिए धार्मिक उपाय के फलस्वरूप पूजा-अर्चना करते रहे. इसके लिए वह चित्रकूट के एक पंडित की शरण में गए और उन्होंने एक खास विधि से पूजा-अर्चना करने की सलाह दी. इसमें उन्होंने अमावस्या की रात में सिद्ध हनुमान जी की प्रतिमा के आगे खास विधि से पूजा-पाठ करने की सलाह दी. इसके बाद आनंद ने अपने दोस्त सिवनी जिले के पीपरवानी के रहने वाले विनोद डहरवाल को भी पंडित से मिलवाया. विनोद अपनी बेटी के NEET में सफल होने की कामना के साथ इस पूजा में शामिल हो गए. इसके बाद दोनों मोटरसाइकिल से जाम गांव पहुंचे और जामेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की. पूजा के बाद उन्होंने तय नियम के मुताबिक पीछे मुड़कर नहीं देखा.
डेढ़-डेढ़ किलो घी के जलाए दीये
दरअसल दोनों ने मंदिर में बजरंगबली की प्रतिमा के आगे डेढ़-डेढ़ किलो घी से भरे आटे के दीये जलाए. पूजा-पाठ किया. आसपास सिंदूर लगे चावल रखे और फिर वहां से चले गए लेकिन उन्हें क्या पता था कि हनुमान जी की प्रतिमा में आग लग जाएगी. उनके जाने के बाद दीये की वजह से मूर्ति में आग लग गई.
कोई कुछ भी बताए, सही लगता है
आनंद चौधरी की पत्नी पेशे से अतिथि शिक्षिका हैं और विनोद डहरवाल बैंक कर्मचारी हैं. लोकल 18 ने दोनों से पूछा कि शिक्षित होने के बावजूद उन्होंने ऐसा क्यों किया, तब उन्होंने कहा कि जब कोई रास्ता भटक जाता है, तो जो कोई भी, कुछ भी बताए, वह सही लगता है. बहरहाल अब मामला उजागर होने के बाद इलाके में शांति बनी हुई है. बजरंगबली की प्रतिमा की शुद्धि कर उसपर फिर से सिंदूर लगाकर पहले जैसा कर दिया गया है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.