150 पर बैटिंग कर रहे थे वीरेंद्र सहवाग, पाकिस्तानी खिलाड़ी ने की गाने की फरमाइश

150 पर बैटिंग कर रहे थे वीरेंद्र सहवाग, पाकिस्तानी खिलाड़ी ने की गाने की फरमाइश


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150 पर बैटिंग कर रहे थे सहवाग, पाकिस्तानी खिलाड़ी ने की गाने की फरमाइश

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Sehwag asked by Pakistani cricketer to sing a song: वीरेंद्र सहवाग न केवल अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी, बल्कि मैदान पर ‘किशोर कुमार’ के गाने गुनगुनाने के लिए भी मशहूर थे. बैंगलोर टेस्ट के दौरान जब वह 150 रनों पर खेल रहे थे, तब पाकिस्तानी खिलाड़ी यासिर हमीद और कामरान अकमल ने उनसे गाना सुनाने की फरमाइश की थी. सहवाग ने तनावपूर्ण माहौल में भी मुस्कुराते हुए उनकी डिमांड पूरी की, जो उनके निडर व्यक्तित्व की अनूठी मिसाल है.

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पाकिस्तानी खिलाड़ियों को सहवाग सुनाते थे गाना.

नई दिल्ली.  क्रिकेट की दुनिया में जब भी किसी ऐसे बल्लेबाज का नाम लिया जाता है जिसने खौफ शब्द को गेंदबाजों की डिक्शनरी में डाल दिया, तो वीरेंद्र सहवाग का नाम सबसे ऊपर आता है. सहवाग का बल्लेबाजी दर्शन बड़ा सरल था ‘सी बॉल, हिट बॉल’. लेकिन इस विस्फोटक अंदाज के पीछे एक ऐसा राज छिपा था, जिसे जानकर आज भी क्रिकेट प्रेमी दंग रह जाते हैं. सहवाग मैदान पर सिर्फ चौके-छक्के ही नहीं जड़ते थे, बल्कि किशोर कुमार के गानों की तान भी छेड़ते थे.

वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) ने अपने करियर के दौरान कई बार इस बात का खुलासा किया कि बल्लेबाजी के दौरान खुद को तनावमुक्त रखने और अपना ध्यान केंद्रित करने के लिए वह गाना गाया करते थे. आमतौर पर जब कोई बल्लेबाज 90 या 150 के स्कोर पर होता है, तो उसका दिल धक-धक कर रहा होता है, लेकिन वीरू पाजी उस समय ‘चला जाता हूं किसी की धुन में’ गुनगुना रहे होते थे. उनके लिए संगीत केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक ‘कंसंट्रेशन टूल’ था. सहवाग के मुताबिक, ‘उनका मूड गानों के चुनाव पर निर्भर करता था. जब वह लय में होते और गेंदों को सीमा रेखा के पार भेज रहे होते, तो ‘चिट्टियां कलाइयां’ जैसे फुट-टैपिंग बॉलीवुड नंबर उनकी जुबान पर होते. वहीं, जब फॉर्म खराब होती या पिच मुश्किल होती, तो वह भगवान के भजनों का सहारा लेते थे.

पाकिस्तानी खिलाड़ियों को सहवाग सुनाते थे गाना.

जब यासिर हमीद बन गए सहवाग के ‘फैन’
यह किस्सा साल 2005 का है, जब पाकिस्तान की टीम भारत दौरे पर थी। बैंगलोर टेस्ट में सहवाग अपनी चिर-परिचित लय में थे. वह 150 रनों के करीब पहुंच चुके थे. पाकिस्तानी गेंदबाज पस्त थे और फील्डर थक चुके थे. शॉर्ट लेग पर खड़े पाकिस्तानी खिलाड़ी यासिर हमीद सहवाग को लगातार कुछ बुदबुदाते हुए सुन रहे थे. हैरानी में डूबे हमीद ने सहवाग से पूछ लिया, ‘वीरू भाई, क्या आप वाकई बल्लेबाजी करते हुए गाना गाते हैं?’ सहवाग ने मुस्कुराते हुए हामी भरी. इसके बाद जो हुआ वह क्रिकेट इतिहास की सबसे दिलचस्प घटनाओं में से एक है. हमीद ने सहवाग से किशोर कुमार का एक गाना सुनाने की फरमाइश कर डाली. सहवाग ने भी उन्हें निराश नहीं किया और क्रीज पर खड़े-खड़े विपक्षी खिलाड़ी की डिमांड पूरी की. सहवाग ने मजाक में कहा भी था कि उन्होंने अपनी बैटिंग से तो पाकिस्तानियों को रुलाया ही, लेकिन अपनी गायकी से उनका भरपूर मनोरंजन भी किया.

कामरान अकमल की फरमाइश और सहवाग का जलवा
सिर्फ यासिर हमीद ही नहीं, पाकिस्तान के विकेटकीपर कामरान अकमल भी सहवाग की इस प्रतिभा के कायल थे. स्टंप्स के पीछे खड़े होकर अकमल अक्सर सहवाग से किशोर कुमार और लता मंगेशकर के सदाबहार नगमे सुनाने की गुजारिश करते थे. यह नजारा अद्भुत था.एक तरफ दुनिया का सबसे खतरनाक सलामी बल्लेबाज स्ट्राइक ले रहा है और दूसरी तरफ विकेटकीपर गाना सुनने का इंतजार कर रहा है. टेस्ट क्रिकेट में दो तिहरे शतक जड़ने वाले इस इकलौते भारतीय दिग्गज ने दिखा दिया कि खेल को बिना किसी बोझ के मजे के साथ कैसे खेला जाता है. सहवाग का यह अंदाज आज की पीढ़ी के क्रिकेटरों के लिए एक मिसाल है कि दबाव में भी मुस्कुराना और गुनगुनाना सफलता की चाबी हो सकती है.

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Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें



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