देश में एडवेंचर टूरिज्म को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पर्यटन मंत्रालय और एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने मिलकर राजधानी भोपाल में चार दिवसीय एडवेंचर गाइड ट्रेनिंग प्रोग्राम और राष्ट्रीय सेमिनार का सफल आयोजन किया। 17 से 20 मार्च तक चले इस कार्यक्रम में देशभर से नीति-निर्माता, विशेषज्ञ और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हुए। 33 एडवेंचर प्रोफेशनल्स को दिया गया विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत ट्रेकिंग, माउंटेनियरिंग और वाटर-बेस्ड गतिविधियों से जुड़े 33 प्रतिभागियों को गहन प्रशिक्षण दिया गया। इसमें फर्स्ट एड, CPR, वाइल्डरनेस इमरजेंसी रिस्पॉन्स, रिस्क असेसमेंट और क्राइसिस मैनेजमेंट जैसे अहम विषयों पर प्रैक्टिकल और थ्योरी के जरिए ट्रेनिंग दी गई। प्रशिक्षण में मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड और मध्यप्रदेश इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड का भी सहयोग रहा। एडवेंचर टूरिज्म को लेकर तैयार हुआ रोडमैप कार्यक्रम के समापन पर “एडवेंचर स्ट्रैटेजी फॉर अ न्यू एरा” विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित हुआ। इसमें अजीत बजाज ने कहा कि एडवेंचर टूरिज्म दुनिया में तेजी से बढ़ने वाला सेक्टर है और भारत में रोजगार और क्षेत्रीय विकास की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने 2034 तक भारत को दुनिया के टॉप-10 एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन में शामिल करने का लक्ष्य रखा। मध्यप्रदेश को मॉडल स्टेट बनाने पर जोर मुख्य वक्ता इलैयाराजा टी (पर्यटन सचिव) ने मध्यप्रदेश को उभरता हुआ एडवेंचर टूरिज्म हब बताते हुए कहा कि राज्य में इस क्षेत्र को संगठित और सुरक्षित बनाने के लिए संस्थागत सहयोग को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने ATOAI के साथ मिलकर नीति निर्माण और डेस्टिनेशन डेवलपमेंट पर काम करने की बात कही। विशेषज्ञों ने रखे सुझाव, टेक्नोलॉजी पर फोकस सेमिनार में अगले दशक की रणनीति विषय पर पैनल डिस्कशन हुआ, जिसमें डॉ. अरविंद अभय बेडेकर, एल. कृष्णमूर्ति और निरत भट्ट सहित कई विशेषज्ञ शामिल हुए। चर्चा में सुरक्षा मानकों को मजबूत करने, वैश्विक मानकों को अपनाने, AI और टेक्नोलॉजी के उपयोग तथा निवेश बढ़ाने जैसे मुद्दों पर फोकस रहा। 80 से ज्यादा डेलिगेट्स की भागीदारी इस आयोजन में 80 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिनमें टूर ऑपरेटर्स, एडवेंचर क्लब, ट्रेनिंग संस्थान और होटल इंडस्ट्री से जुड़े लोग शामिल रहे।
Source link