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भोपाल नगर निगम की बैठक में गौकशी का मुद्दा उठते ही हंगामा मच गया. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि आरोपियों पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई. नेता प्रतिपक्ष ने जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की. महापौर ने कहा कि रिपोर्ट के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी, लेकिन जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन में जोरदार विरोध किया.
भोपाल नगर निगम की बैठक में भारी हंगामा हुआ.
भोपाल. राजधानी में सोमवार को भोपाल नगर निगम की साधारण सभा की बैठक हंगामे के साथ शुरू हुई और गौकशी के मुद्दे पर सियासी टकराव चरम पर पहुंच गया. जैसे ही बैठक शुरू हुई, विपक्ष ने स्लॉटर हाउस में कथित गौकशी के मामले को उठाते हुए प्रशासन और महापौर मालती राय को सीधे कठघरे में खड़ा कर दिया. नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी और कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाया कि पहले दिए गए निर्देशों के बावजूद अब तक किसी भी आरोपी पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. इस मुद्दे ने न केवल बैठक की दिशा बदल दी, बल्कि पूरे सदन का माहौल तनावपूर्ण बना दिया. आरोप है कि निगम के स्लॉटर हाउस में लंबे समय से गौकशी हो रही थी. यह मामला तब खुला जब पुलिस मुख्यालय के पास एक ट्रक को पकड़ा गया. इस मामले की जांच को लेकर कई संदेह सामने आ चुके हैं. मांस के सैंपल की जांच को भी प्रभावित करने के आरोप हैं.
भोपाल नगर निगम की बैठक में गौकशी जैसे संवेदनशील मुद्दे पर जवाबदेही तय न होने से विपक्ष ने आक्रामक रुख अपनाया. कांग्रेस की नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने आरोप लगाया कि निगम प्रशासन इस मामले में गंभीर नहीं है और दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है. वहीं महापौर ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. लेकिन जवाबों से असंतुष्ट विपक्ष ने लगातार हंगामा किया, जिससे बैठक में तीखी बहस और नोकझोंक का माहौल बना रहा. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि नगर निगम अपने ही स्लॉटर हाउस और उसके टेंडर की जांच नहीं करा सका है. इसमें भी घोर लापरवाही हो रही है और अफसरों और जिम्मेदारों को बचाने की कोशिश हो रही है.
ठोस कदम और जांच में लापरवाही से किसका फायदा?
नगर निगम की बैठक शुरू होते ही विपक्ष ने गौकशी के मुद्दे पर सवाल उठाए. शुरुआत से ही माहौल गरम रहा और सदन में शोर-शराबा देखने को मिला. विपक्ष ने पूछा कि मामले में ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए, महापौर, एमआईसी और अफसरों को इस मामले में अपनी भूमिका बतानी चाहिए. जांच में लापरवाही से किसे फायदा पहुंचाने की कोशिश हो रही है. कांग्रेस ने कहा कि ऐसी जांच हो, कि जनता के सामने सच्चाई आ सके. निर्दोष गौ माता के हत्यारों को मारने वाले, स्लॉटर हाउस के टेंडर में गड़बड़ी करने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए लेकिन नगर निगम इस पर ध्यान नहीं दे रही है. नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने आरोप लगाया कि पिछली बैठक में कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे. इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.
आरोपियों पर कार्रवाई में देरी पर सवाल, महापौर का जवाब
विपक्ष ने असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा समेत अन्य आरोपियों का जिक्र करते हुए पूछा कि निगम स्तर पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई. उन्होंने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताया. विपक्ष ने शासन स्तर की जांच समिति की रिपोर्ट को सदन में पेश करने की मांग की. उनका कहना है कि इससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी. महापौर मालती राय ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी को बख्शा नहीं जाएगा; लेकिन उन्होंने देरी का कारण नहीं बताया. महापौर यह भी नहीं बता सकीं कि जांच रिपोर्ट कब आएगी? मामले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर बहस हुई. आरोप-प्रत्यारोप के बीच बैठक का माहौल काफी देर तक तनावपूर्ण बना रहा.
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सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें