रामेंद्र परिहार। ग्वालियर2 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
आरोपी पति-पत्नी से पूछताछ जा रही है।
ग्वालियर में पकड़ाया इंटर स्टेट चोर गिरोह बॉलीवुड मूवी ‘बंटी-बबली’ की स्टाइल में ‘सीरियल थीफ’ वारदातों में माहिर है। यह जहां भी चोरी करता था, वहां लगातार वारदातों को अंजाम देता था। महाराजपुरा क्षेत्र की 7 चोरियों का खुलासा हो चुका है। बहोड़ापुर की 3 चोरियों में भी सुराग मिले हैं।
गैंग का सरगना अरविंद रजक (32) कानपुर (यूपी) में भी 15 चोरियां कर चुका है। कानपुर पुलिस से जानकारी मिली है कि वह 19 महीने जेल में रहने के बाद नवंबर 2025 में बाहर आया था।
अरविंद अपना हुलिया भले गरीबों जैसा रखता हो लेकिन कई बार अहमदाबाद तक फ्लाइट से आ-जा चुका है। ग्वालियर पुलिस को पति-पत्नी के रिकॉर्ड से डेढ़ महीने पहले KIA कंपनी की लग्जरी कार नकद में खरीदने का इनपुट मिला है।
कार का फोटो भी मिला है, जिसे पुलिस वेरिफाई कर रही है। अरविंद फोन नहीं रखता, लेकिन उसकी पत्नी ज्योति (30) के पास मोबाइल है। उसमें यूपी के एक इंस्पेक्टर का “गुड मॉर्निंग” मैसेज मिला है। पुलिस इसकी भी जांच कर रही है।
यह गैंग मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और गुजरात समेत 12 से ज्यादा शहरों में 57 चोरियां कर चुका है। दोनों की गिरफ्तारी का शनिवार को खुलासा किया गया है। अब तक 20 लाख रुपए का माल बरामद किया जा चुका है। गैंग इतना शातिर है कि पूछताछ में सीमित जवाब दे रहा है।

पुलिस आरोपी पति-पत्नी अरविंद और ज्योति से पूछताछ कर रही है। (फोटो- AI जेनरेटेड)
गिरफ्तारी के बाद जमानत के लिए पहुंचे वकील
अरविंद खुद को आर्थिक रूप से कमजोर बताता है, लेकिन गिरफ्तारी के बाद उसकी जमानत के लिए हाईकोर्ट के छह वकील थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस को कानून समझाने की कोशिश की, लेकिन कार्रवाई सही पाए जाने पर उन्हें सफलता नहीं मिली।
लग्जरी कार नकद में खरीदी, मिला फोटो
पुलिस को ज्योति के मोबाइल से एक फोटो मिला है, जिसमें काले रंग की नई “किआ सेल्टोस” दिखाई दे रही है। इनपुट है कि करीब 18 लाख रुपए में यह कार पूरी तरह कैश में खरीदी गई। पुलिस अब कंपनी के डीलर्स से रिकॉर्ड खंगालकर इसे बरामद करने की तैयारी में है, क्योंकि आशंका है कि यह रकम चोरी की है।

अरविंद और ज्योति ने लक्जरी कार नकद में खरीदी थी। (फोटो- AI जेनरेटेड)
ज्यादा झांसी-कानपुर में वारदातें, 19 महीने जेल में रहा
ग्वालियर पुलिस पकड़े गए गैंग के सरगना अरविंद रजक और ज्योति रजक से पूछताछ कर रही है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने एमपी की तुलना में यूपी के झांसी और कानपुर में ज्यादा वारदातें की हैं। अरविंद ने कानपुर में 15 चोरियों को अंजाम दिया।
पूछताछ में यह भी पता चला कि अरविंद रजक मूल रूप से आंतरी का रहने वाला है। वह आखिरी बार झांसी में पकड़ा गया था और 19 महीने जेल में रहने के बाद नवंबर 2025 में रिहा हुआ। जेल से बाहर आते ही उसने फिर से सीरियल चोरियां शुरू कर दीं।
कानपुर के एक अधिकारी के अनुसार, अरविंद दिखने में फटेहाल रहता है, लेकिन कई बार अहमदाबाद और ग्वालियर के बीच फ्लाइट से यात्रा कर चुका है। पुलिस इस जानकारी को वेरीफाई करने के साथ रिकॉर्ड भी निकलवा रही है।
आंतरी में बनाना था आलीशान मकान
महाराजपुरा थाना पुलिस के सामने आरोपी ने बताया कि आंतरी (ग्वालियर-झांसी हाईवे) पर उसका प्लॉट है, जहां वह आलीशान मकान बनाना चाहता था। चोरी की वजह पूछने पर उसने कहा कि पिता और भाई के इलाज में उसका पैसा खर्च हो जाता है।

आरोपी पति-पत्नी का ग्वालियर-झांसी हाईवे पर आंतरी में एक प्लॉट है। (फोटो- AI जेनरेटेड)
अरविंद पर 56, ज्योति पर 1 मामला दर्ज
थाना प्रभारी यशवंत गोयल के अनुसार, अरविंद रजक उर्फ़ अल्लो (32), निवासी आंतरी हाल ललितपुर कॉलोनी, और उसकी पत्नी ज्योति रजक, निवासी खुर्जेवाला मोहल्ला, को हिरासत में लिया गया है।
अरविंद रजक के खिलाफ कुल 56 मामले दर्ज हैं। इनमें झांसी में 6, ग्वालियर में 10, सीहोर में 7, होशंगाबाद में 6, रायसेन में 5, भिंड और मुरैना में एक-एक, तथा गुजरात में कई मामले शामिल हैं। वहीं, ज्योति रजक के खिलाफ झांसी में एक मामला दर्ज है।
जेल से रिहा होने के बाद भी की चोरियां
पुलिस के अनुसार, आरोपी सूने मकानों की रैकी करता और रात के समय घरों में घुसकर सोने-चांदी के गहने और नकदी चोरी करता था। लंबे समय तक ग्वालियर में रहकर वह महाराजपुरा क्षेत्र को निशाना बनाता रहा। जेल से रिहा होने के बाद भी उसने लगातार चोरियां करना जारी रखा।

आरोपियों से अब तक 20 लाख का माल बरामद
टीआई यशवंत गोयल ने बताया कि दोनों को कोर्ट में पेश कर दो दिन की रिमांड पर लिया है। अब तक करीब 20 लाख रुपए का माल बरामद हो चुका है। चोरी के पैसों का निवेश कहां किया गया, इसकी जांच चल रही है। बहोड़ापुर की अन्य चोरियों के खुलासे और फ्लाइट यात्रा के रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
यह खबर भी पढ़ें…
‘बंटी-बबली’ स्टाइल में चोरियां…3 राज्यों की पुलिस को थी तलाश

मध्य प्रदेश की ग्वालियर पुलिस ने इंटरस्टेट चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह बिल्कुल फिल्मी अंदाज में ‘बंटी-बबली’ की तरह वारदातों को अंजाम देता था। पति-पत्नी की इस जोड़ी ने 3 राज्यों की पुलिस की नाक में दम कर रखा था। पूरी खबर यहां पढ़ें…
