हवाला कांड में क्यों गई गुना एसपी की कुर्सी…: वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी सूचना, पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं की; अब आगे क्या… – Guna News

हवाला कांड में क्यों गई गुना एसपी की कुर्सी…:  वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी सूचना, पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं की; अब आगे क्या… – Guna News


मामले की विभागीय जांच शिवपुरी जिले के करेरा एसडीओपी (IPS) आयुष जाखड़ को सौंपी गई है।

गुना जिले के एसपी अंकित सोनी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर हटा दिया गया है। 19 मार्च को गुजरात के व्यापारी की कार से 1 करोड़ रुपए पकड़ने और 20 लाख रुपए की रिश्वत लेने के मामले में कार्रवाई की गई है।

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उनकी जगह आईपीएस हितिका वसल को गुना का नया एसपी बनाया गया है। मामले की जानकारी होने के बावजूद वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित न करने और आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई न करने के कारण एसपी को हटाया गया है। मामले की विभागीय जांच शिवपुरी जिले के करेरा एसडीओपी (IPS) आयुष जाखड़ को सौंपी गई है।

एसपी को हटाने के ये रहे 2 मुख्य कारण

इस मामले में पैसों के लेनदेन में एसपी की सीधी भूमिका नजर नहीं आई है, लेकिन इसके बावजूद दो कारणों से उन पर कार्रवाई की गई है…

पहला कारण (वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी न देना)

20 मार्च को इस पूरी घटना की जानकारी एसपी को मिल गई थी, लेकिन उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों (PHQ) को इसकी जानकारी नहीं दी। इसे बड़ी लापरवाही माना गया।

दूसरा कारण (कार्रवाई न करना)

थाना स्तर के अधिकारियों द्वारा किए गए इस कृत्य की जानकारी लगने के बाद भी एसपी ने अपने स्तर पर मातहतों पर कोई कार्रवाई नहीं की।

अब सिलसिलेवार जानिए पूरी कहानी और इसके किरदार

किरदार-1 धरनावदा थाना प्रभारी प्रभात कटारे

शुरुआती जांच में सामने आया है कि मुख्य भूमिका इन्हीं की रही। गाड़ी रोकने के बाद मौके पर पहुंचकर पूरे मामले में सेटलमेंट इन्होंने ही किया। व्यापारी से बात भी इन्होंने ही की। पैसे भी इन्होंने ही लिए और वापस भी इन्होंने ही किए। वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना नहीं दी।

किरदार-2 रूठियाई चौकी प्रभारी साजिद हुसैन

एएसआई साजिद हुसैन ही वाहन चेकिंग कर रहे थे। इन्हीं को उस गाड़ी में कैश होने की सूचना मिली थी। इनके नेतृत्व में ही कार को रोका गया। इन्होंने ही थाना प्रभारी धरनावदा को सूचना दी और बाकी सारी डीलिंग भी इनके सामने ही हुई।

किरदार-3 प्रधान आरक्षक देवेंद्र सिकरवार

वाहन चेकिंग के दौरान प्रधान आरक्षक देवेंद्र सिकरवार भी मौके पर ही मौजूद थे। आने-जाने वाली गाड़ियों को रोक रहे थे। इस कार को भी इन्होंने ही रोका और उसके बाद हुई पूरी डीलिंग के समय ये मौजूद रहे।

किरदार-4 आरक्षक कम ड्राइवर सुंदर रमन

आरक्षक सुंदर रमन चौकी प्रभारी की कार चलाते हैं। उस दिन भी प्रभारी को लेकर मौके पर पहुंचे थे और पूरे घटनाक्रम के दौरान मौजूद रहे।

सीएम मोहन यादव बोले- प्रशासनिक शिथिलता स्वीकार नहीं

पूरा मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एसपी को हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने लिखा- “गुना जिले में तलाशी में मिली नक़द राशि के प्रकरण में पुलिस अधीक्षक की भूमिका को यथोचित न मानते हुए तत्वकाल प्रभाव से जिला पुलिस अधीक्षक, गुना अंकित सोनी को हटाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासनिक शिथिलता, लापरवाही अथवा अनियमितता किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। जवाबदेही सुनिश्वित की जाएगी और दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।”

1 हफ्ते पहले सिंधिया ने की थी तारीफ, कार्यकर्ता थे नाराज

16 से 18 मार्च तक केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना दौरे पर थे। उन्होंने 25 मिनट में एक गुमशुदा बच्ची को खोजने पर लक्ष्मीगंज की सभा में एसपी अंकित सोनी की तारीफ की थी।

दूसरी ओर जिले के जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं में एसपी को लेकर नाराजगी थी। उनका आरोप था कि केंद्रीय मंत्री के दौरे के समय भारी फोर्स के कारण कार्यकर्ता सिंधिया से मिल नहीं पाते थे और स्वागत में आतिशबाजी पर भी रोक लगा दी गई थी। इसकी शिकायत भी कार्यकर्ताओं ने सिंधिया से की थी।

4 पुलिसकर्मी पहले ही हो चुके हैं सस्पेंड, अब CDR खंगाल रही पुलिस

19 मार्च की रात 10:30 बजे रूठियाई चौकी क्षेत्र में चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों ने जीरा व्यापारी से डीलिंग कर 20 लाख रुपए लेकर 1 करोड़ कैश भरी कार छोड़ दी थी। 20 मार्च को गुजरात से किसी आईपीएस के कॉल के बाद 20 लाख रुपए लौटा दिए गए थे।

ग्वालियर डीआईजी अमित सांघी ने जांच के बाद धरनावदा थाना प्रभारी एसआई प्रभात कटारे, एएसआई साजिद हुसैन, प्रधान आरक्षक देवेंद्र सिंह सिकरवार और आरक्षक सुंदर रमन को सस्पेंड कर दिया था।

अब जांच अधिकारी आईपीएस आयुष जाखड़, आईजी अरविंद सक्सेना और डीआईजी अमित सांघी के मार्गदर्शन में जांच करेंगे। आरोपी पुलिसकर्मियों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकलवाई जा रही है और गुजरात के व्यापारी से संपर्क किया जा रहा है।

5 साल में बदले 7 एसपी

गुना में पिछले पांच वर्षों में विवादों के चलते सात एसपी बदले जा चुके हैं। वर्ष 2021 में जगनपुर अतिक्रमण मामले में तत्कालीन एसपी तरुण नायक को हटाया गया था। 2022 में आरोन शिकारी कांड में तीन पुलिसकर्मियों की मौत के बाद एसपी राजीव मिश्रा को हटाया गया। इसके बाद एसपी राजेश सिंह, पंकज श्रीवास्तव और राकेश सगर एसपी बने। राकेश सगर को एक प्रत्याशी की शिकायत पर हटाया गया था।

एआई जेनरेटेड 3 तस्वीरों से समझिए पूरा मामला…

पुलिस ने गुजरात के व्यापारी की कार को चेकिंग के लिए रोका था।

पुलिस ने गुजरात के व्यापारी की कार को चेकिंग के लिए रोका था।

तलाशी के दौरान 1 करोड़ रुपए कैश मिला।

तलाशी के दौरान 1 करोड़ रुपए कैश मिला।

पुलिस ने व्यापारी से डील कर 20 लाख रखकर उन्हें जाने दिया।

पुलिस ने व्यापारी से डील कर 20 लाख रखकर उन्हें जाने दिया।

पांच साल में सात एसपी बदले बता दें कि गुना में पिछले पांच वर्षों में सात एसपी बदल चुके हैं। किसी न किसी विवाद के कारण ही एसपी हत्याएं गए हैं। वर्ष 2021 में तत्कालीन SP तरुण नायक गुना के जगनपुर में जमीन से अतिक्रमण हटाने के दौरान पति पत्नी द्वारा जहर खा लेने के बाद हुआ था। उनके बाद एसपी राजीव मिश्रा का वर्ष 2022 में आरोन पुलिस शिकारी कांड में हुई तीन पुलिसकर्मियों की मौत के बाद हुआ था। उनके बाद एसपी राजेश सिंह, पंकज श्रीवास्तव बने। फिर राकेश सगर को एसपी बनाया गया। उन्हें तत्कालीन एक प्रत्याशी की शिकायत पर हटाया गया था।

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