रीवा में कलश यात्रा के दौरान फायरिंग के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। आरोपी साधु माधवेंद्र भदौरिया ने आखिरकार पुलिस दबाव के बीच सरेंडर कर दिया। घटना के बाद से पुलिस उसकी तलाश में लगातार जगह-जगह दबिश दे रही थी, जिससे उस पर दबाव बढ़ता जा रहा था। ग
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गौरतलब है कि यह मामला समान थाना क्षेत्र के गुलाब नगर का है, जहां 19 मार्च को चैत्र नवरात्र के दौरान कलश यात्रा निकाली जा रही थी। इसी दौरान भगवा कपड़े पहने एक साधु, जो काला चश्मा और सफेद पगड़ी में नजर आया, अपने साथियों के साथ मौजूद था।
उसके साथ सफारी सूट पहने चार गनमैन भी चल रहे थे। यात्रा के दौरान एक गनमैन ने साधु को बंदूक लोड कर के दी, जिसके बाद साधु ने हवा में फायरिंग शुरू कर दी।
व्यक्ति के पैर में जाकर लगी थी गोली बताया जा रहा है कि इस दौरान साधु ने कई राउंड फायर किए, जिनमें से एक गोली वीडियो शूट कर रहे पवन सिंह के पैर में जा लगी। घायल को तुरंत निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें आरोपी और उसके साथी साफ तौर पर नजर आ रहे थे।
घटना के बाद पुलिस ने कैमरा और मेमोरी कार्ड जब्त कर लिया था, लेकिन शुरुआती कार्रवाई को लेकर सवाल भी उठे थे क्योंकि आरोपी की पहचान स्पष्ट होने के बावजूद अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
वहीं, आरोपी के कई प्रभावशाली लोगों के साथ फोटो भी सामने आए थे, जिससे मामले ने और तूल पकड़ लिया। फिलहाल आरोपी के सरेंडर के बाद पुलिस आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई में जुट गई है। इस पूरे घटनाक्रम ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
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रीवा में कलश यात्रा के दौरान शूटिंग कर रहे कैमरामैन को गोली लगने का वीडियो सामने आया है। चौंकाने वाली बात यह है कि वीडियो में गोली चलाने वाले साधु माधवेंद्र भदौरिया और उसके साथियों का चेहरा साफ नजर आ रहा है, लेकिन घटना के चार दिन बाद भी पुलिस ने उसे गिरफ्तार करना तो दूर, बल्कि अज्ञात पर एफआईआर दर्ज की है। पूरी खबर पढ़ें…