आगर मालवा जिले के विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ नलखेड़ा में चैत्र नवरात्रि की महाअष्टमी पर श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। त्रिशक्ति स्वरूपा मां बगलामुखी के दर्शन के लिए तड़के से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिर की मान्यता और तांत्रिक महत्व के
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त्रिशक्ति के रूप में विराजित हैं माता
नलखेड़ा स्थित इस प्राचीन मंदिर की विशेषता यह है कि यहां मां बगलामुखी के साथ मां लक्ष्मी और मां सरस्वती भी स्थापित हैं। इस आध्यात्मिक संगम के दर्शन मात्र से भक्तों को असीम शांति की अनुभूति होती है। अष्टमी के विशेष अवसर पर माता का भव्य श्रृंगार किया गया, जिसे देखने के लिए भक्तों में भारी उत्साह नजर आया।
यज्ञ की आहुतियों से महका वातावरण
मंदिर परिसर में नवरात्रि के दौरान अनुष्ठानों का विशेष महत्व बढ़ गया है। वर्तमान में यहां प्रतिदिन लगभग 1000 हवन संपन्न हो रहे हैं। मंत्रोच्चार और आहुतियों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया है। श्रद्धालु अपनी सुख-समृद्धि और शत्रुओं पर विजय की कामना के साथ इन विशेष यज्ञों में आहुति दे रहे हैं।

30 हजार भक्तों को मिल रही निःशुल्क प्रसादी
श्रद्धालुओं की सेवा के लिए मंदिर परिसर के समीप मां पीतांबरा भक्त मंडल द्वारा भव्य भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। एक विशाल पंडाल में संचालित इस नौ दिवसीय निःशुल्क भंडारे में प्रतिदिन 20 से 30 हजार श्रद्धालु भोजन प्रसादी ग्रहण कर रहे हैं। सेवाभावी कार्यकर्ता मुस्तैदी से व्यवस्थाओं को संभालने में जुटे हुए हैं।
