सीधी में शुरू हो गई भीषण गर्मी, लेकिन राहगीरों के लिए नहीं खुला एक भी प्याऊ

सीधी में शुरू हो गई भीषण गर्मी, लेकिन राहगीरों के लिए नहीं खुला एक भी प्याऊ


Last Updated:

Sidhi News: ऑटो चालक मनोज रजक ने लोकल 18 से कहा कि बीते वर्षों में इस समय तक शहर में जगह-जगह प्याऊ शुरू हो जाते थे लेकिन इस बार किसी भी चौक-चौराहे पर ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है. इससे दूरदराज से आने वाले लोग पानी के लिए परेशान हो रहे हैं.

सीधी. मध्य प्रदेश के सीधी में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतनी भीषण गर्मी के बावजूद शहर में अब तक राहगीरों के लिए एक भी प्याऊ की व्यवस्था नहीं की गई है. इसका सीधा असर सड़क पर चलने वाले लोगों, मजदूरों और वाहन चालकों पर पड़ रहा है, जो प्यास बुझाने के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं. हर साल गर्मी की शुरुआत के साथ ही नगरपालिका परिषद द्वारा शहर के प्रमुख चौराहों, बस स्टैंड और बाजारों में प्याऊ लगाए जाते थे. इन प्याऊ के जरिए लोगों को ठंडा पानी उपलब्ध कराया जाता था, जिससे चिलचिलाती धूप में राहत मिलती थी लेकिन इस बार अप्रैल की शुरुआत होने को है और अब तक शहर में कहीं भी ऐसी कोई व्यवस्था नजर नहीं आ रही है.

शहर के बस स्टैंड, कलेक्ट्रेट चौराहा, पूजा पार्क और बाजार क्षेत्र जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में हर साल सबसे ज्यादा प्याऊ लगाए जाते थे. खासतौर पर बाजार क्षेत्र में आने वाले ग्रामीण लोग इन प्याऊ पर निर्भर रहते थे क्योंकि वे अपने साथ पानी लेकर नहीं आते लेकिन इस बार इन सभी जगहों पर पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे सबसे ज्यादा परेशानी इन्हीं लोगों को हो रही है. ऑटो चालक मनोज रजक ने लोकल 18 बताया कि बीते सालों में इस समय तक शहर में जगह-जगह प्याऊ शुरू हो जाते थे लेकिन इस बार किसी भी चौराहे पर ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है. उन्होंने कहा कि दूरदराज से आने वाले लोग पानी के लिए परेशान हैं और उन्हें मजबूरी में पैसे खर्च कर पानी खरीदना पड़ रहा है. वहीं अधिवक्ता हरिकांत शुक्ला का कहना है कि न्यायालय परिसर में तो पानी उपलब्ध है लेकिन नगरपालिका द्वारा शहर के अन्य हिस्सों में कोई ध्यान नहीं दिया गया है.

प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
स्थानीय निवासी विवेक पांडे ने भी प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि शहर में नल-जल योजना के तहत टंकियां तो लगाई गई हैं लेकिन उनमें पानी नहीं है. बस स्टैंड और कलेक्ट्रेट जैसे प्रमुख स्थानों पर भी पेयजल की व्यवस्था नहीं है. उनके अनुसार टैंकर व्यवस्था भी सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई है और जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.

एक सप्ताह में शुरू हो जाएंगे प्याऊ
हालांकि नगरपालिका परिषद सीधी की मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) प्रिया पाठक ने लोकल 18 से बातचीत करते हुए दावा किया है कि पेयजल समस्या को प्राथमिकता से लिया गया है. उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर शहर के प्रमुख चौराहों पर प्याऊ और पानी की व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी. साथ ही जिन क्षेत्रों में ज्यादा समस्या है, वहां पहले पानी उपलब्ध कराया जाएगा.

About the Author

Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



Source link