अनूपपुर और जैतहरी में तीन महीने से अधिक समय बिताने के बाद हाथियों का एक समूह अब पुष्पराजगढ़ वन क्षेत्र में पहुंच गया है। अहिरगवां वन परिक्षेत्र में तीन हाथियों के दल की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। इस दल ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है, जिसके बाद वन विभाग ने अलर्ट जारी किया है। गुरुवार रात हाथियों ने ग्राम पंचायत घाटा-बैरागी के किसान वीर सिंह के खेत में घुसकर गेहूं और चने की फसल को रौंद दिया, जिससे भारी नुकसान हुआ। वर्तमान में यह दल पकरीघाट खोलसा जंगल (कक्ष क्रमांक RF-86) में डेरा डाले हुए है। जंगल से रिहाइशी इलाकों की ओर बढ़ा दल गुरुवार रात हाथियों का समूह पहाड़ चढ़कर जंगल से रिहाइशी इलाकों की ओर बढ़ा था। बैरागी गांव के बड़ा टोला निवासी वीर सिंह की रबी की फसल को हाथियों ने अपना आहार बनाया और काफी हिस्सा रौंद दिया। हाथियों की इस आवाजाही से किसान अपनी मेहनत की फसल को लेकर चिंतित हैं। वन विभाग ने हाथियों की लोकेशन को देखते हुए शहडोल और अनूपपुर जिले के दर्जनों गांवों में ‘हाई अलर्ट’ जारी किया है। शाम या रात के समय हाथियों के शहडोल के सामतपुर, अमहाटोला, बाऊ गांव और पुष्पराजगढ़ के अल्वार, घाटा, बैरागी एवं सरई जैसे क्षेत्रों में पहुंचने की प्रबल संभावना है। रात के समय घरों से बाहर न निकलने की अपील अहिरगवां वन परिक्षेत्र अधिकारी अजेंद्र सिंह ने बताया कि महुआ का सीजन होने के कारण ग्रामीण तड़के ही जंगल की ओर रुख करते हैं। वन विभाग और ग्राम पंचायतों ने मुनादी कराकर सख्त हिदायत दी है कि शाम और रात के समय घरों से बाहर न निकलें। ग्रामीणों को दिन के समय लकड़ी काटने या महुआ बीनने के लिए जंगल के भीतर न जाने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने यह भी कहा है कि हाथियों को देखने पर उनके करीब न जाएं और न ही उन्हें छेड़ने की कोशिश करें। वन्यजीवों से दूरी बनाए रखने का आग्रह हाथी दिखने पर तत्काल वन अमले या पंचायत प्रतिनिधियों को सूचित करें। इसके अलावा, हाथी गश्ती दल लगातार हाथियों की निगरानी कर रहा है। वन विभाग ने ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए लोगों से सतर्क रहने और वन्यजीवों से दूरी बनाए रखने का आग्रह किया है।
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