धर्मनगरी चित्रकूट में 27 मार्च को रामनवमी के अवसर पर ‘गौरव दिवस’ मनाया जाना था। इस उत्सव के लिए पूरे नगर को सजाया गया था, लेकिन शाम होते ही मौसम में आए बदलाव और तेज बारिश ने प्रशासन की तैयारियों तथा श्रद्धालुओं के उत्साह को प्रभावित किया। उत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में थीं। मां मंदाकिनी के तटों को 21 लाख से अधिक दीपों से रोशन करने का लक्ष्य था। पवित्र भरत घाट पर भव्य गंगा आरती और श्री राम प्राकट्य पर्व का आयोजन होना था। चित्रकूट की सड़कों को साफ कर बिजली की रोशनी से सजाया गया था, और प्रमुख मंदिरों में आकर्षक सजावट की गई थी। घाटों की सीढ़ियों पर दीये कतारबद्ध तरीके से सजाकर उनमें तेल भी डाल दिया गया था।
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