धार के भोजशाला मामले में आवेदन पर कार्रवाई न होने से नाराज मुस्लिम समाज के लोगों ने नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) सुजावल जग्गा से मुलाकात की। जुम्मे की नमाज के बाद भोजशाला स्थित पुलिस चौकी पर हुई इस मुलाकात में समाजजनों ने मामले की प्रगति पर सवाल उठाए। समाजजनों ने बताया कि उन्होंने एसपी कार्यालय, कलेक्टर कार्यालय, कोतवाली थाना और पुरातत्व विभाग को आवेदन सौंपा था। इसमें भाजपा जिलाध्यक्ष निलेश भारती और भोज उत्सव समिति के अध्यक्ष सुरेशचंद्र जलोदिया सहित अन्य पर नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए थे। आवेदन में कहा गया कि 24 मार्च 2026 को भोजशाला परिसर में बिना अनुमति वर्जित सामग्री/चुनरी ले जाकर धार्मिक आयोजन किया गया, जो पुरातत्व विभाग के नियमों के विरुद्ध है। ‘नियम सभी के लिए समान’—समाज की मांग कमाल मौलाना वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष अब्दुल समद ने कहा कि आवेदन के बावजूद कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि नियम सभी के लिए समान होने चाहिए और किसी को भी उन्हें तोड़ने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। समाजजनों ने आरोप लगाया कि चुनरी जुलूस को भोजशाला परिसर में जाने से नहीं रोका गया, जो सुरक्षा में गंभीर लापरवाही है। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। समाज ने बताया कि मामला सुप्रीम कोर्ट के मार्गदर्शन में हाई कोर्ट में विचाराधीन है। 7 अप्रैल 2003 के आदेश के अनुसार वर्तमान व्यवस्था को यथावत रखना अनिवार्य है, लेकिन इसे प्रभावित करने का प्रयास किया गया। FIR और केंद्रीय सुरक्षा बल की मांग मुस्लिम समाज ने कथित अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों पर FIR दर्ज करने, गार्ड बदलने और परिसर में केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात करने की मांग की है। साथ ही पीछे के रास्ते से मूर्तियां लाने के आरोपों की निष्पक्ष जांच की भी मांग उठाई गई है।
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