छतरपुर रामनवमी पर शहर में भक्तिमय माहौल रहा। सुबह 11 बजे से रामलीला मैदान के मंच पर रामजन्म का मंचन शुरू हुआ, जिसे रामलीला के कलाकारों ने बड़ी भक्ति और निष्ठा के साथ प्रस्तुत किया। यह कार्यक्रम लगभग दो बजे तक चला। कार्यक्रम के समापन के बाद जनप्रतिनिधियों ने भगवान रामजी की आरती उतारी और भक्तों में प्रसाद वितरण किया गया। आरती समाप्त होते ही भव्य शोभायात्रा की शुरुआत की गई। शोभायात्रा में सबसे आगे प्रताप नवयुवक संघ द्वारा तैयार की गई भगवान गणेश की झांकी आकर्षण का केंद्र बनी रही। गणेश जी की झांकी के साथ मातृशक्ति ने अपने करतबों से भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शोभायात्रा में मातृशक्ति की रही अहम भूमिका
शोभायात्रा के दौरान मातृशक्ति की अहम भूमिका रही। प्रताप नवयुवक संघ द्वारा लगभग 15 दिनों से दिए जा रहे प्रशिक्षण के बाद शोभायात्रा में शामिल हुईं लगभग दो हजार लड़कियों ने अलग-अलग करतब दिखाए। जिनमें तलवारबाजी, डमरू, फरसा, बैण्ड, झांझर, भगवा ध्वज सहित अनेक प्रकार के करतब दिखाए जिससे शोभायात्रा में चार चांद लग गए। शोभायात्रा की खास झांकियां
शोभायात्रा में बग्घियों पर विभिन्न भगवान के स्वरूप सजाकर चलाए गए। भगवान शंकर का स्वरूप पैदल चलते हुए विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा। इसी तरह उज्जैन के महाकाल की तर्ज पर झांकी सजाई गई। भगवान राम के बाल स्वरूप की झांकी, उनके वनगमन की झांकी की शोभायात्रा में प्रस्तुत की गई। शोभायात्रा के दौरान बैंड, डीजे, वाद्य यंत्रों और ढोल की धुन गूंजती रही, जो पूरे मार्ग को भक्तिमय बना रही। पारंपरिक वाद्य यंत्रों ने शोभायात्रा की रौनक बढ़ा दी।
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