स्कॉटलैंड में भिंड के छात्र की मौत पर सस्पेंस! परिवार बोला- ये हत्या, जांच हो

स्कॉटलैंड में भिंड के छात्र की मौत पर सस्पेंस! परिवार बोला- ये हत्या, जांच हो


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भिंड के मौ कस्बे के 21 वर्षीय छात्र संस्कार श्रीवास्तव की स्कॉटलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ स्टर्लिंग में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. स्कॉटलैंड पुलिस इसे आत्महत्या बता रही है लेकिन परिवार हत्या की आशंका जता रहा है. 6 मार्च को हुई मौत की सूचना 7 मार्च को मिली. 20 दिन बाद भी शव परिजनों तक नहीं पहुंचा. मां नीलम ने कहा कि होली के दिन बेटा सामान्य था. परिवार दोबारा पोस्टमार्टम और न्याय की मांग कर रहा है. 40 लाख का लोन लेकर बेटे को पढ़ाने वाले माता-पिता का बुरा हाल है.

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भिंड के छात्र संस्‍कार की मां सहित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

भिंड. जिले के 21 वर्षीय मेधावी छात्र संस्कार श्रीवास्तव की स्कॉटलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ स्टर्लिंग में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने से मौ कस्बे में गहरा मातम छाया हुआ है. स्कॉटलैंड पुलिस और प्रशासन इसे आत्महत्या बता रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि संस्कार ने नींद की गोलियां खाकर जान दी, लेकिन परिवार इस निष्कर्ष को पूरी तरह खारिज कर रहा है. परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं और भारत सरकार तथा मध्य प्रदेश सरकार से शव लाकर दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग कर रहे हैं ताकि मौत की असली वजह सामने आ सके. किसान कुलदीप श्रीवास्तव के इकलौते बेटे संस्कार ने फॉरेंसिक साइंस एंड साइकोलॉजी में एमएससी की पढ़ाई कर रहा था. वह पढ़ाई के साथ पार्ट टाइम जॉब भी करता था और अच्छी कमाई कर परिवार की आर्थिक स्थिति संभाल रहा था.

परिजनों ने बताया कि संस्‍कार की 6 मार्च को मौत हुई, 7 मार्च को भारतीय दूतावास के जरिए इसकी सूचना मिली, लेकिन 20 दिन बीत जाने के बाद भी शव अभी तक परिजनों तक नहीं पहुंच सका जिससे परिवार का दर्द और बढ़ गया है. इलाके में शोक का माहौल है और लोग न्याय की गुहार लगा रहे हैं.  एक होनहार युवा की अचानक मौत, परिवार द्वारा आत्महत्या की बात मानने से इनकार, आखिरी वीडियो कॉल में सामान्य व्यवहार, 40 लाख रुपये का लोन लेकर विदेश भेजना और शव के 20 दिन तक न पहुंचने जैसे तथ्य इस घटना को संदिग्ध बनाते हैं. संस्कार की मां नीलम श्रीवास्तव का कहना है कि होली के दिन 5 मार्च को वीडियो कॉल पर बेटा पूरी तरह खुश और सामान्य था, उसने जल्द घर आने की बात कही थी. ऐसे में सुसाइड की थ्योरी परिवार को विश्वसनीय नहीं लग रही.

पढ़ाई में टॉपर था, मेधावी था और कभी ऐसा कदम नहीं उठा सकता
चाचा मोनू श्रीवास्तव ने न्यूज 18 से बातचीत में कहा कि संस्कार पढ़ाई में टॉपर था, मेधावी था और कभी ऐसा कदम नहीं उठा सकता. परिवार कई सवाल उठा रहा है- बैंक ट्रांजेक्शन, मोबाइल डेटा, दोस्तों की चुप्पी और कमरे की स्थिति जैसे पहलू जांच की मांग कर रहे हैं. यह मामला न सिर्फ भिंड बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में विदेश में पढ़ रहे छात्रों की सुरक्षा और भारतीय दूतावास की प्रभावी भूमिका पर सवाल खड़ा कर रहा है.

एक लाख रुपए महीने की हो रही थी कमाई 
भिंड जिले के मौ कस्बे के रहने वाले संस्कार श्रीवास्तव किसान कुलदीप श्रीवास्तव और नीलम श्रीवास्तव के इकलौते बेटे थे. उन्होंने स्वयं डॉक्यूमेंट तैयार कर स्कॉटलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ स्टर्लिंग में एमएससी फॉरेंसिक साइंस एंड साइकोलॉजी में एडमिशन लिया. पढ़ाई के साथ पार्ट टाइम जॉब कर वह लगभग एक लाख रुपये मासिक कमा रहे थे. परिवार ने 40 लाख रुपये का लोन लेकर उन्हें विदेश भेजा था.

मौत की संदिग्ध परिस्थितियां और परिवार का संदेह
6 मार्च 2026 को संस्कार की मौत हुई. स्कॉटलैंड पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया और डेथ सर्टिफिकेट में नींद की गोलियां खाने का जिक्र किया. लेकिन परिवार इसे स्वीकार नहीं कर रहा. मां नीलम का कहना है कि होली के दिन वीडियो कॉल पर बेटा पूरी तरह सामान्य था और घर आने की बात कर रहा था. परिवार हत्या की आशंका जता रहा है और कई अनुत्तरित सवाल उठा रहा है.

परिवार की मांग और भावुक अपील
परिजनों ने भारत सरकार और मध्य प्रदेश सरकार से शव को तुरंत भारत लाकर दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है. संस्कार के चाचा मोनू श्रीवास्तव ने कहा कि बेटा मेधावी था और आत्महत्या नहीं कर सकता. मां नीलम ने चेतावनी दी कि अगर न्याय नहीं मिला तो दिल्ली पहुंचकर प्राण त्याग देंगी. 20 दिन बाद शव आजकल में पहुंचने की संभावना है. 20 दिन बीत जाने के बाद भी स्थानीय विधायक, सांसद या कोई मंत्री परिवार से मिलने नहीं पहुंचा. इलाके में गम का माहौल है. न्यूज 18 से बातचीत में परिवार ने केंद्र और प्रदेश सरकार से दोबारा जांच की अपील की. विदेश में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं.

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Sumit verma

सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्‍थानों में सजग जिम्‍मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें



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