सीधी जिले के चुरहट तहसील के ग्राम रामनगर में रेलवे ट्रैक हटाए जाने से ग्रामीणों को आवागमन में गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर विकास मिश्रा से मुलाकात की, जिसके बाद कलेक्टर ने 15 दिन के भीतर समाधान के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, गांव के बीच से गुजरने वाली रेलवे पटरी को हटा दिए जाने के बाद अब उन्हें चुरहट और अन्य मुख्यालयों तक पहुंचने के लिए उसी जोखिम भरे रास्ते का उपयोग करना पड़ रहा है। यह रास्ता छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए खतरनाक साबित हो रहा है, खासकर जब अचानक मालगाड़ी गुजरती है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कई की ग्रामीणों ने शिकायतें ग्रामीणों ने इस संबंध में पहले भी रेलवे विभाग और तहसील कार्यालय को कई बार लिखित शिकायतें दी थीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। रविवार दोपहर करीब 2 बजे, ग्राम रामनगर निवासी बृजभूषण पटेल के नेतृत्व में दर्जन भर ग्रामीण चुरहट तहसील कार्यालय पहुंचे, जहां कलेक्टर विकास मिश्रा निरीक्षण पर मौजूद थे। ग्रामीणों ने सीधे कलेक्टर के सामने अपनी समस्या रखी और सुरक्षित आवागमन की मांग की। मामले की गंभीरता को समझते हुए कलेक्टर विकास मिश्रा ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद तहसीलदार और एसडीएम विकास कुमार आनंद को 15 दिनों के भीतर इस समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। कलेक्टर ने अधिकारियों को रेलवे अधिकारियों और इंजीनियरों के साथ समन्वय स्थापित कर एक वैकल्पिक सुरक्षित मार्ग तैयार करने के भी निर्देश दिए। यह कलेक्टर का चुरहट तहसील का पहला दौरा था। इस दौरान उन्होंने न केवल कार्यालयों का निरीक्षण किया, बल्कि आमजन की समस्याओं को भी गंभीरता से सुना। उन्होंने अधिकारियों को अपने कार्यों में गुणवत्ता और जवाबदेही लाने के सख्त निर्देश भी दिए।
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