सहायक आयुक्त इसी चैंबर में बैठते थे।
सीजीएसटी विभाग के सहायक आयुक्त शंकर परमार को 1.5 लाख रुपए की रिश्वत लेने के मामले में 13 घंटे की पूछताछ के बाद सीबीआई अपने साथ लेकर गई है। कार्रवाई के बाद बुधवार को कार्यालय में पूरी तरह से सन्नाटा रहा। इक्का-दुक्का कर्मचारी नजर आए। वह किसी भी प्रकार
.
दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया है कि सहायक आयुक्त द्वारा पिछले दो माह से शिकायतकर्ता को परेशान कर रहा था। जावरा के व्यापारी की शिकायत पर सीबीआई भोपाल की टीम ने मंगलवार को रतलाम में CGST विभाग के सहायक आयुक्त शंकर परमार को गिरफ्तार किया था।
इनके साथ ही रतलाम के फर्नीचर व्यापारी सुरेश मनसुखानी को भी आरोपी बनाया था। मनसुखानी पर आरोप था कि उन्होंने रिश्वत के लिए बिचौलिये की भूमिका निभाई है। रतलाम में कार्रवाई के दौरान सीबीआई के अधिकारी किसी भी प्रकार से बात करने के लिए तैयार नहीं थे।
रिश्वत लेने वाले आरोपी सहायक आयुक्त शंकर परमार व व्यापारी सुरेश मनसुखानी के खिलाफ सीबीआई ने केस दर्ज किया।
सुबह 9 बजे सहायक आयुक्त को लाई टीम रतलाम CGST विभाग में करीब 15 कर्मचारी हैं। जिनमें एक दो मंगलवार को छुट्टी पर थे। बुधवार सुबह वह लौटे लेकिन वह भी कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि जो भी थे उन्हें रातभर भर हो गई थी। जिन अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ हुई वह एक भी कार्यालय में नहीं मिले। पूरी तरह से सन्नाटा पसरा था।
सहायक आयुक्त के ऑफिस (चैंबर) का गेट खुला हुआ था। सीबीआई की टीम सुबह 9 बजे आरोपी सहायक आयुक्त शंकर परमार को अपने साथ लेकर गई। रात भर पूछताछ में शिकायतकर्ता व्यापारी भी सीजीएसटी ऑफिस में मौजूद रहे। वह भी सुबह 9 बजे रतलाम से जावरा गए।
दो माह से कर रखा था परेशान दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया है कि आरोपी सहायक आयुक्त द्वारा शिकायतकर्ता को पिछले दो माह से परेशान कर रखा था। शिकायतकर्ता का पान गुटखा, मसाला व किराना सामान की दुकान है। इनकी फर्म में गलत ऑडिट व अन्य दस्तावेजों की कमी की बहाना बनाकर परेशान किया जा रहा था। जबकि सारे लीगल डॉक्यूमेंट थे।
यह भी बात सामने आई है कि शिकायतकर्ता को अंदेशा था कि विभाग द्वारा उन्हें गलत तरीके से डिजिटली फ्रॉड का प्रकरण बना सकते है। विभाग के कई अन्य अधिकारी भी दबाव बना रहे थे।
लगातार दबाव से परेशान होकर व्यापारी ने सीबीआई भोपाल को अपने एक मित्र के जरिए 30 जनवरी को शिकायत की। तब से सीबीआई सहायक आयुक्त को ट्रैक कर नजर रख रही थी। शिकायत पुख्ता होने व राशि लेने के बाद सीबीआई ने सहायक आयुक्त को प्लान के मुताबिक गिरफ्तार किया।
यह भी जानकारी सामने आई है कि रतलाम जिले के जावरा, ताल व आलोट क्षेत्र में भी इस विभाग द्वारा कई व्यापारियों पर दबाव बनाया गया है। अगर सीबीआई इसकी तह तक जाएगी तो और भी अधिकारी व कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आ सकती है।

रतलाम के मित्र निवास रोड पर स्थित है सीजीएसटी का ऑफिस। इस ऑफिस के आगे की तरफ आयकर का ऑफिस है।
रतलाम के व्यापारी की मध्यस्ता पर सवाल शिकायतकर्ता के पूरे प्रकरण के निराकरण को लेकर रतलाम के एक व्यापारी सुरेश मनसुखानी ने सहायक आयुक्त के माध्यम से व्यापारी के बीच मध्यस्ता कराने की कोशिश की। इसके बदले सहायक आयुक्त द्वारा 5 लाख रुपए मांगे गए।
सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को सीबीआई ने रतलाम के अहिंसा बायपास मार्ग स्थित आनंद बिग मॉल के पास सहायक आयुक्त को डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा था। मध्यस्ता कराने वाला रतलाम का फर्नीचर व्यापारी भी उस समय वहां मौजूद होने की जानकारी सामने आई है। इसी कारण उसे भी आरोपी बनाया है।
रतलाम के सीजीएसटी कार्यालय में भी मध्यस्ता कराने वाले व्यापारी सुरेश मनसुखानी से मंगलवार रात पूछताछ की गई। कार्यालय से जाते समय दैनिक भास्कर के कैमरे में भी वह कैद हुए थे। हालांकि कार्रवाई को लेकर सीबीआई ने भोपाल से जानकारी जारी की थी, जिसमें सहायक आयुक्त को रतलाम कार्यालय पर रिश्वत लेने पर गिरफ्तार करने की जानकारी दी गई।
रुपए रतलाम में देने को कहा था कार्रवाई से बचने के लिए जावरा के व्यापारी (शिकायतकर्ता) को सहायक आयुक्त ने रिश्वत का पैमेंट रतलाम में फर्नीचर व्यापारी सुरेश मनसुखानी को देने को कहा था। शिकायतकर्ता ने मंगलवार दोपहर 4 से शाम 5 बजे के बीच पेमेंट व्यापारी को दिया था। इसके बाद सीबीआई ने प्लान के मुताबिक कार्रवाई की।
जावरा के शिकायतकर्ता व मध्यस्ता कराने वाले रतलाम के व्यापारी का दोनों का सरनेम एक ही है। दोनों सिंधी समाज है। ऐसे में मध्यस्ता कराने वाले व्यापारी की भूमिका पर भी कई सवाल खड़े हो रहे है।
संस्पेंड होने की जानकारी सीबीआई द्वारा सहायक आयुक्त को गिरफ्तार करने पर विभाग द्वारा संस्पेंड करने की भी जानकारी सामने आई है। लेकिन अभी तक अधिकृत रूप से विभाग द्वारा इसकी कोई जानकारी नहीं दी है।
पांच जिलों का डिवीजनल ऑफिस रतलाम में स्थित CGST का ऑफिस के अंतर्गत में पांच जिले आते है। जिनमें रतलाम के अलावा मंदसौर, नीमच, झाबुआ व आलीराजपुर शामिल है। एक तरह से इन पांच जिलो का यह डिवीजनल ऑफिस है।
दैनिक भास्कर द्वारा सेंट्रल जीएसटी के संभागीय कार्यालय उज्जैन भी संपर्क किया। लेकिन विभाग के कमिश्नर है वह छुट्टी पर थे। एडीशीनल कमिश्नर से भी संपर्क करना चाहा। लेकिन उनके ऑफिस से कमिश्नर की मीटिंग में होने की जानकारी दी।
यह खबर भी पढ़ें GST अफसर 1.50 लाख रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार को रतलाम में बड़ी कार्रवाई करते हुए CGST विभाग के सहायक आयुक्त शंकर परमार को 1.5 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। उनके साथ एक शख्स सुरेश मनसुखानी को भी आरोपी बनाया गया है। पूरी खबर पढ़ें…