झाबुआ के रायपुरिया में पुलिस ने एक फर्जीवाड़े को पकड़ा है। यहां एक ही आदमी के चेहरे का इस्तेमाल करके 2020 से 2022 के बीच 66 मोबाइल सिम चालू कर दी गई थीं। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों पर केस दर्ज किया है और आरोपी पुरुषोत्तम पाटीदार को पकड़कर पूछताछ कर रही है। भोपाल साइबर पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि इन सभी 66 सिम कार्डों पर रामनगर के रहने वाले पुरुषोत्तम पाटीदार की फोटो लगी थी। हैरानी की बात यह है कि फोटो एक ही थी, लेकिन कागजों में नाम और पहचान अलग-अलग भरी गई थी। इस पूरे खेल में जामली के रहने वाले सिम एजेंट योगेश पाटीदार ने साथ दिया था, जिसने फर्जी कागजों को सही बताकर पास किया था। लालच में आकर सिस्टम को दिया धोखा इन दोनों ने ज्यादा पैसे कमाने के चक्कर में नकली आधार कार्ड तैयार किए और एक ही फोटो को बार-बार इस्तेमाल करके सिस्टम को धोखा दिया। पुलिस ने इनके खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और आईटी एक्ट की कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस कर रही है आगे की जांच रायपुरिया थाना प्रभारी गीता जाटव इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल है और इन फर्जी सिमों का इस्तेमाल कहीं किसी गलत काम या साइबर ठगी के लिए तो नहीं किया गया।
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