उज्जैन जिले के नागदा में गुरुवार रात मौसम ने अचानक रौद्र रूप धारण कर लिया। रात 8 बजे के बाद शुरू हुई तेज आंधी और गरज-चमक के साथ करीब एक घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे क्षेत्र को प्रभावित किया। जहां दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस था, वहीं शाम को आए इस तूफान से ग्रामीण इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, जिससे घंटों तक अंधेरा छाया रहा। हनुमान जयंती के कार्यक्रमों में बाधा बारिश के कारण शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे हनुमान जयंती के भंडारे और प्रसादी वितरण कार्यक्रमों में व्यवधान पड़ा। इंगोरिया रोड स्थित खड़े हनुमान मंदिर में 51 फीट ऊंची प्रतिमा के ठीक पीछे आसमान में बिजली चमकने का शानदार वीडियो सामने आया। भक्तों ने मूसलाधार बारिश के बीच भीगते हुए भी भगवान की आरती पूरी की। लहसुन और भूसा खराब बेमौसम बारिश से खेतों में खुला रखा गेहूं का भूसा पूरी तरह गीला हो गया, जिससे पशुओं के चारे का संकट खड़ा हो सकता है। भारतीय किसान यूनियन मंच के प्रदेश अध्यक्ष देव सिंह गुर्जर ने बताया कि जिन किसानों ने अभी गेहूं की कटाई नहीं की है और जिनकी लहसुन की फसल खेतों में है, उन्हें भारी आर्थिक नुकसान होने की संभावना है। 2 घंटे तक गुल रही तहसील की बिजली एमपीईबी के टाउन इंजीनियर मेहरबान सूर्यवंशी के अनुसार, क्षेत्र में बिजली गिरने और तेज हवाओं के कारण पूरे नागदा शहर और ग्रामीण इलाकों की बिजली सप्लाई बंद हो गई थी। लगभग 2 घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित कर आपूर्ति बहाल की जा सकी। प्रशासन अब ग्रामीण क्षेत्रों में हुए नुकसान का आकलन कर रहा है।
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