Rajgarh News: मध्य प्रदेश के राजगढ़ से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो दिल को छू जाती है. यहां एक मुस्लिम परिवार हिंदू बेटी की शादी पूरे रीति-रिवाजों के साथ करवा रहा है. घर में जहां अज़ान की आवाज गूंजती है, वहीं अब वेद मंत्र भी सुनाई देंगे. यह सिर्फ एक शादी नहीं, बल्कि इंसानियत और भाईचारे की सबसे खूबसूरत मिसाल बन गई है.
बचपन में ही टूट गया था सहारा
नंदिनी की जिंदगी आसान नहीं रही. साल 2010 में सड़क हादसे में उनके पिता का निधन हो गया और 2012 में मां भी दुनिया छोड़ गईं. इतनी कम उम्र में ही नंदिनी पूरी तरह अकेली पड़ गई थीं ना कोई सहारा, ना कोई ठिकाना.
मुस्लिम परिवार बना जिंदगी का सहारा
इसी मुश्किल वक्त में अब्दुल हक खान और उनके परिवार ने नंदिनी का हाथ थाम लिया. दरअसल, नंदिनी की बड़ी बहन ने अब्दुल से प्रेम विवाह किया था, और उसी रिश्ते के चलते इस परिवार ने नंदिनी को अपनी बेटी की तरह अपना लिया. बिना किसी भेदभाव के, बिना किसी लालच के सिर्फ इंसानियत के रिश्ते से.
बेटी की तरह की परवरिश
अब्दुल हक और उनके परिवार ने नंदिनी को हर वो चीज दी, जो एक बेटी को मिलनी चाहिए प्यार, सुरक्षा और अच्छी शिक्षा. सबसे खास बात ये रही कि उन्होंने कभी भी नंदिनी पर अपने धर्म को थोपने की कोशिश नहीं की. न उसकी बिंदी रोकी, न पूजा-पाठ.
अब पूरे हिंदू रीति-रिवाज से होगी शादी
अब 4 अप्रैल को नंदिनी की शादी होने जा रही है, जिसमें ग्वालियर से बारात आएगी. शादी पूरी तरह हिंदू रीति-रिवाजों से होगी और घर में वेद मंत्र गूंजेंगे. मेहंदी, हल्दी से लेकर हर रस्म परिवार खुद निभा रहा है, जैसे एक पिता अपनी बेटी की शादी में करता है.
मंदिर में भी हुई पूजा
शादी से पहले नंदिनी ने अपनी मां जालपा मंदिर में माता पूजन भी किया. यह दिखाता है कि इस परिवार ने उसकी आस्था का हमेशा सम्मान किया.
शादी का कार्ड भी बना चर्चा का विषय
नंदिनी का शादी का कार्ड भी सोशल मीडिया पर चर्चा में है. इसमें दूल्हा-दुल्हन दोनों के नाम हिंदू परंपरा के अनुसार हैं, जबकि नीचे प्रेषक में मुस्लिम परिवार का नाम लिखा है जो इस अनोखे रिश्ते को और खास बनाता है.
एक मिसाल जो दिलों को जोड़ती है
आज जब समाज में धर्म और जाति के नाम पर दूरी बढ़ती नजर आती है, तब राजगढ़ का यह परिवार एक नई राह दिखाता है. यह कहानी बताती है कि असली रिश्ता इंसानियत का होता है, न कि धर्म का.