कटहल का अचार बना देगा दीवाना! इस रेसिपी से बनाएं, उंगलियां चाटते रह जाएंगे

कटहल का अचार बना देगा दीवाना! इस रेसिपी से बनाएं, उंगलियां चाटते रह जाएंगे


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Sidhi News: कटहल का अचार बनाने के लिए सबसे पहले सही कच्चे कटहल को चुनना बेहद जरूरी है. सफेद गूदे वाला कच्चा कटहल अचार के लिए सबसे बेहतर माना जाता है क्योंकि पके कटहल में मिठास ज्यादा होती है, जो अचार के स्वाद को बिगाड़ सकती है.

सीधी. मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में अचार सिर्फ खाने का हिस्सा नहीं बल्कि एक जीवंत परंपरा है, जो हर थाली का स्वाद बढ़ा देती है. यहां के पारंपरिक अचारों में कटहल का अचार खास पहचान रखता है. अपने तीखे-खट्टे स्वाद और मसालेदार खुशबू के कारण यह अचार लोगों को खूब पसंद आता है. खासतौर पर गर्मियों के मौसम में जब कच्चा कटहल आसानी से उपलब्ध होता है, तब घरों में इसे बनाने की तैयारी शुरू हो जाती है. सीधी निवासी प्रियंका सिंह ने लोकल 18 जानकारी देते हुए बताया कि कटहल का अचार भले ही आम, नींबू या आंवले के अचार जितना लोकप्रिय न हो लेकिन इसका स्वाद बेहद खास होता है. जो लोग इसे एक बार चख लेते हैं, वे लंबे समय तक इसका स्वाद नहीं भूल पाते. आमतौर पर कटहल का उपयोग सब्जी बनाने में किया जाता है लेकिन इसका अचार भी उतना ही लजीज और पौष्टिक होता है. यह न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाता है बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है.

कटहल का अचार बनाने के लिए सबसे पहले सही कच्चे कटहल का चयन करना बेहद जरूरी है. सफेद गूदे वाला कच्चा कटहल अचार के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है क्योंकि पके कटहल में मिठास अधिक होती है, जो अचार के स्वाद को बिगाड़ सकती है. कटहल को काटने से पहले हाथों में सरसों का तेल लगाने से उसका चिपचिपा गोंद हाथों में नहीं लगता और काम आसान हो जाता है.

अचार के लिए बेस्ट सूखा कटहल
कटहल को छीलकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काटने के बाद इन्हें हल्के गर्म पानी में दो से तीन मिनट तक उबाला जाता है. ध्यान रखा जाता है कि इसे ज्यादा देर तक न उबालें, वरना टुकड़े बहुत नरम हो सकते हैं. इसके बाद कटहल को निकालकर 4 से 5 घंटे धूप में अच्छी तरह सुखाया जाता है ताकि उसमें नमी बिल्कुल न बचे. सूखा कटहल अचार के लिए सबसे बेहतर माना जाता है.

मसालों से आता है असली स्वाद
अचार का असली स्वाद उसके मसालों से आता है. इसके लिए सरसों, जीरा, धनिया, मेथी दाना, सौंफ, काली मिर्च और साबुत लाल मिर्च जैसे मसालों को तवे पर हल्का भून लिया जाता है. खुशबू आने पर इन्हें ठंडा करके पीस लिया जाता है. इसके बाद हल्दी, लाल मिर्च, अजवाइन और हींग के साथ इस पिसे मसाले को मिलाया जाता है. फिर सरसों के तेल को गर्म करके थोड़ा ठंडा किया जाता है और मसाले में मिलाया जाता है. इस तैयार मसाले में सूखे कटहल के टुकड़ों को अच्छी तरह मिलाया जाता है ताकि हर टुकड़े पर मसाला चढ़ जाए. तैयार अचार को साफ कांच के बर्तन में भरकर धूप में रखा जाता है. इस तरह पारंपरिक विधि से बना कटहल का अचार लंबे समय तक खराब नहीं होता और हर खाने का स्वाद दोगुना कर देता है.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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